US-Iran Peace Agreement: अमेरिका और ईरान शांति समझौते पर सहमत हो गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा ली है। शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा। उन्होंने माना कि समझौते का पूरा मसौदा अभी जारी नहीं किया गया है।(US-Iran Peace Agreement)
सीएनएन, अल जजीरा और गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को होने वाले हस्ताक्षर समारोह के बाद के कदमों के बारे में अमेरिका और ईरान ने अलग-अलग बातें कही हैं। ईरान के उप विदेशमंत्री ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत तब शुरू होगी जब अमेरिका फ्रीज किए गए अरबों डॉलर जारी करेगा, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने इस दावे को खारिज कर दिया है।(US-Iran Peace Agreement)
वहीं, इजराइल ने अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के लिए बनी सहमति से असहमति जताते हुए आज कहा कि यह समझौता इजराइल के लिए बाध्यकारी नहीं है। उनका देश लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खतरे को समाप्त करने के अपने संकल्प से कोई समझौता स्वीकार नहीं करेगा।(US-Iran Peace Agreement)
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह की गतिविधियों से पैदा खतरों को खत्म करने के संकल्प को लेकर इजराइल को कोई भी समझौता मंज़ूर नहीं है।(US-Iran Peace Agreement)
पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड के शहर जिनेवा में होंगे। डार ने कहा कि पाकिस्तान को 19 जून को जिनेवा में होने वाले औपचारिक हस्ताक्षर समारोह का इंतजार है। उन्होंने दोनों पक्षों को मनाने के प्रयासों में मदद के लिए सऊदी अरब, कतर और तुर्किये जैसे देशों का शुक्रिया अदा किया।(US-Iran Peace Agreement)
राष्ट्रपति ट्रंप ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि समझौता यह सुनिश्चित करेगा कि होर्मुज जलडमरूमध्य हमेशा के लिए टोल फ्री रहे। उधर, समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद आगे क्या होगा, इस पर अमेरिका और ईरान के मत अलग-अलग हैं। ईरान के उप विदेशमंत्री ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत तभी शुरू होगी जब अमेरिका अरबों डॉलर की रुकी हुई धनराशि जारी करेगा।(US-Iran Peace Agreement)
ट्रंप ने अमेरिका में अपने 80वें जन्मदिन पर ईरान समझौते का ऐलान किया। इसके कुछ घंटे बाद उन्होंने देश की 250वीं वर्षगांठ के जश्न में व्हाइट हाउस में यूएफसी इवेंट की मेजबानी की। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि तेहरान नहीं चाहता था कि घोषणा ईरान में आधी रात से पहले की जाए। ट्रंप का कहना है कि इस समझौते के लिए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिका का आभारी होना चाहिए।(US-Iran Peace Agreement)

