इस वजह से महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर बढ़ा तनाव, धारा 144 लागू

बेलगांव के तिलकवाड़ी में 19 दिसंबर को महाराष्ट्र एकीकरण समिति की ओर से महासम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सांसद धैर्यशील माने को भी आमंत्रित किया गया था।

कर्नाटक सरकार की ओर से महाराष्ट्र एकीकरण समिति के कार्यक्रम पर पाबंदी और पदाधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर तनाव बढ़ गया है। अंतर-राज्य सीमा मुद्दे को लेकर 19 दिसंबर को कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा पर कोगनोली टोल प्लाजा के पास महाराष्ट्र एकीकरण समिति और राकांपा के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया।

महाराष्ट्र एकीकरण समिति की ओर से बेलगांव के शिनोली गांव के पास रास्ता रोको प्रदर्शन करते हुए पूरा महामार्ग जाम कर दिया। महाराष्ट्र एकीकरण के पदाधिकारी बीच सड़क पर ही कार्यक्रम करने को लेकर अड़े हुए हैं। सीमावर्ती इलाकों में तनाव पूर्ण माहौल को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी है।

सांसद धैर्यशील माने भी थे आमंत्रित
दरअसल, बेलगांव के तिलकवाड़ी में 19 दिसंबर को महाराष्ट्र एकीकरण समिति की ओर से महासम्मेलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में सांसद धैर्यशील माने को भी आमंत्रित किया गया था। इस बीच कर्नाटक सरकार ने इस महासम्मेलन पर रोक लगा दी और 10 से अधिक पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया। साथ ही धैर्यशील माने के बेलगांव प्रवेश पर भी रोक लगा दी। इससे यहां स्थिति तनाव पूर्ण हो गई है। इससे पहले अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में दोनों राज्यों में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था, लेकिन कर्नाटक सरकार ने सीमा मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों का भी पालन नहीं किया।

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प
कर्नाटक सरकार के इस तरह के बर्ताव का विरोध करते हुए पूर्व मंत्री हसन मुश्रीफ के नेतृत्व में महाविकास आघाड़ी के कार्यकर्ताओं ने बेलगांव तक पैदल रैली निकाली। जब यह रैली कोगनोली टोल प्लाजा के पास पहुंची, तो कर्नाटक पुलिस ने इन सभी को रोकना चाहा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और कर्नाटक पुलिस के बीच झड़प होने से यहां स्थिति तनावपूर्ण बन गई।

सत्र में भी उठाया गया मुद्दा
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर उत्पन्न तनाव का मुद्दा 19 दिसंबर को नागपुर में चल रहे विधानमंडल के शीत कालीन सत्र में भी उठा। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष अजीत पवार ने कहा कि एक सांसद पर सीमावर्ती इलाके में जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अजीत पवार ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में केंद्रीय पुलिस बल नियुक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमित शाह के सामने यह तय किया गया था कि दोनों राज्यों में आवाजाही पर रोक नहीं लगाई जाएगी। दोनों राज्यों की ओर से किसी के भी कार्यक्रम को रोका नहीं जाएगा। इस बारे में महाराष्ट्र सरकार केंद्र सरकार से बात करेगी।

मुख्यमंत्री शिंदे ने कही ये बात
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह बड़ी बात है कि केंद्रीय गृह मंत्री ने पहली बार सीमा मुद्दे पर हस्तक्षेप किया है। इस रुख का विपक्षी दल को भी स्वागत करना चाहिए। मुख्यमंत्री शिंदे ने अपील की कि इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं की जानी चाहिए।

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