राजस्थानः गहलोत से नाराज सचिन पायलट क्या अब भाजपा में जाएंगे?

हाल ही में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद को पार्टी में लाने के बाद राजस्थान में भी भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिल सकती है।

राजस्थान कांग्रेस में जारी गुटबाजी का बड़ा असर देखने को मिल सकता है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद को पार्टी में लाने के बाद राजस्थान में भी भारतीय जनता पार्टी को बड़ी सफलता मिल सकती है। काफी दिनों से प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपेक्षा से परेशान सचिन पायलट पर भाजपा ने डोरे डालना शुरू कर दिया है।

भाजपा ने खुले तौर पर तो कुछ भी नहीं कहा है लेकिन उसने ये कहकर पायलट के लिए दरवाजे खुले रखने के संकेत दिए हैं कि उन सभी लोगों के लिए पार्टी का दरवाजा खुला है, जो इंडिया फर्स्ट के सिद्धांत को मानते हैं।

पार्टी के पास विजन का अभाव
प्रदेश के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी के पास कोई भविष्य का खाका नहीं है। इसलिए होनहार और युवा नेताओं को दूसरी पार्टी में शामिल होना होगा। राठौर ने कहा कि हमारी पार्टी उन सभी लोगों के लिए खुली हुई है, जो देश को प्राथमिकता देते हैं और अपनी विचारधारा इंडिया फर्स्ट को महत्वपूर्ण मानते हैं।

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पार्टी का शीर्ष नेतृत्व कमजोर
पूर्व ओलंपियन निशानेबाज राठौर ने कहा कि जब केंद्रीय नेतृत्व कमजोर होता है तो उसके नेता भी कमजोर हो जाते हैं। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर नेताओं की मनमानी बढ़ जाती है। इससे पार्टी के दूसरे नेताओं के लिए काम करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान से पंजाब तक में ये देखा जा सकता है। विजन नहीं होने के कारण नेता पार्टी छोड़कर विजन वाली पार्टी में जाएंगे।

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ढाई साल से जारी है कलह
यशवर्धन राठौर ने कहा कि राजस्थान में पद, सत्ता और धन को लेकर पिछले ढाई साल से कांग्रेस में आंतरिक कलह जारी है। कभी वे महीनों तक होटलो में रहते हैं तो कभी सरकार की मशीनरी का इस्तेमाल फोन टैंपिंग के लिए होता है।

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