Nepal Protest: नेपाल में Gen-Z का शुरू किया गया आंदोलन अब महज कोई विरोध नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की दहलीज पर जा खड़ा हुआ है। यह विरोध केवल नारों- रैलियों तक सीमित नहीं रहा संसद भवन ,राष्ट्रपति आवास और पीएम आवास जैसे महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों पर प्नदर्शनकारियों ने हमला बोला और उनमें आगजनी कर दी। इस प्रदर्शन के दौरान तीन ऐसे चेहरों को सामने ला दिया, जिन्हें देश के अंतरिम सरकार के संभावित नेतृत्वकर्ता माना जा रहा है । इसमें पूर्व टीवी होस्ट और डिप्टी पीएम रवि लामिछाने, रैपर से मेयर बने बालेन शाह, और सामाजिक कार्यकर्ता सुदन गुरूंग, जिन्होंने सोशल मीडिया पर आंदोलन की चिंगारी भड़काई शामिल हैं।(Nepal Protest)
भारत के लिए नेपाल की अंशाति के मायने
नेपाल की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए खास मायने रखती है । नेपाल भारत का तीसरा पड़ोसी देश है, जहां पर शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुए है । नेपाल मामलों के जानकार पत्रकार एस.एस डोगरा कहते हैं कि नेपाल का हिंसक आंदोलन भारत के लिए चिंता की बात है । लेकिन ये आंदोलन भष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर है । नेपाल की जनता काफी समय से आक्रोश में थी कि नेपाल में शीर्ष नेतृत्व भष्टाचार में लिप्त है । लेकिन सोशल मीडिया पर बैन लगाने से हिंसा की चिंगारी भड़क उठी । नेपाल में अमेरिका और चीन लगातार अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे है । इस आंदोलन में अमेरिका की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं ।(Nepal Protest)
राजनीतिक आंदोलन का चेहरा बने तीन प्रमुख नेता
सुदान गुरुङ युवा-नेतृत्व के रूप में उभरे हैं। Gen-Z आंदोलन को चलाने मे इनका नाम सबसे आगे है । एक ओर सुदान गुरुङ जैसे नागरिक सक्रियता से जुड़े, सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ आवाज उठाई और भ्रष्टाचार , सरकारी जवाबदेही को मुद्दा बनाया । इस आंदोलन ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी और सोशल मीडिया प्रतिबंध की वापसी जैसे नतीजे दिखाए हैं।सोशल मीडिया की सहायता से उन्होंने व्यापक युवा समर्थन जुटाया और भ्रष्टाचार व वंशवाद के खिलाफ जोरदार स्वर उठाया।(Nepal Protest)
बालेन शाह
काठमांडू के लोकप्रिय महापौर है और पूर्व रैपर रह चुके है और एक नए राजनीतिक युग की प्रतीक नेपाल में बन चुके हैं। उनको प्रदर्शनों के दौरान, युवाओं और दर्शकों ने शाह को भविष्य के राजनीतिक नेतृत्व के रूप में देखा। उन्होंने आंदोलन शांतिपूर्ण बनाए रखने और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।(Nepal Protest)
नवराज सुबेदी
राजतंत्र समर्थित आंदोलन में नवराज सुबेदी प्रमुख नेतृत्व दे रहे हैं, जो लोकतांत्रिक संरचना को बनाए रखते हुए राजतंत्र और हिन्दू राष्ट्र की स्थापना की मांग कर रहे हैं। नवराज सुबेदी ने मार्च 2025 में नेपाल में राजतंत्र पुनर्स्थापना के समर्थन में आंदोलन शुरू किया और मई 29 से असीमित आमरण अनशन सत्याग्रह की घोषणा की। उन्होंने संविधान में संशोधन कर संवैधानिक राजतंत्र और हिन्दू राष्ट्र स्थिति की पुनर्स्थापना की जोरदार वकालत की लेकिन ये बदलाव लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंदर रहते ही होना चाहिए । इस बात पर उनका जोर रहा है ।(Nepal Protest)

