Manoj Jarange Patil: 20 दिन बाद मनोज जरांगे ने तोड़ी भूख हड़ताल, फडणवीस सरकार को दिया 3 महीने का वक्त

जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने की योजना बनाई थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान भीड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।

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Manoj Jarange preparing for protest in Mumbai.
Manoj Jarange is set to protest in Mumbai for Maratha reservation.

Manoj Jarange Patil: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटील ने 20 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर विचार करने और आगे की प्रक्रिया के लिए तीन महीने का समय दिया है। जरांगे की भूख हड़ताल 29 अगस्त को जालना जिले के अंतरवाली सराटी से शुरू हुई थी।

जरांगे की प्रमुख मांग मराठा समुदाय को कुणबी वंशावली के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC श्रेणी में आरक्षण देने की रही है। आंदोलन के दौरान उन्होंने सरकार पर मांगों को लेकर जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाया। इसके बाद 15 सितंबर को उन्होंने मुंबई की ओर मार्च शुरू किया था।

मुंबई की ओर बढ़ते समय जरांगे की तबीयत बिगड़ गई। बीड जिले के पाटोदा में उनका मार्च रुक गया। रिपोर्टों के मुताबिक, लंबे समय तक भूख हड़ताल और यात्रा के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हुई थी। इसके बाद उनके मुंबई मार्च और आंदोलन को लेकर भी स्थिति बदलती रही।

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मुंबई में प्रदर्शन को लेकर विवाद

जरांगे ने मुंबई के आजाद मैदान में आंदोलन करने की योजना बनाई थी। हालांकि, मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के दौरान भीड़ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इस बीच सरकार की ओर से भी उन्हें आंदोलन समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की गई।

महाराष्ट्र सरकार ने जरांगे के साथ बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कोशिश की। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस समेत सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से आंदोलन को समाप्त करने की अपील की गई थी। सरकार ने यह भी कहा था कि प्रदर्शनकारियों की कई मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

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पहले भी कर चुके हैं आंदोलन

मनोज जरांगे पहले भी मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर चुके हैं। सितंबर 2025 में मुंबई में आंदोलन के बाद सरकार की ओर से उनकी कई मांगों पर सहमति जताई गई थी और कुणबी प्रमाणपत्र से जुड़े कदम आगे बढ़ाए गए थे। इसके बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त किया था।

अब 20 दिन की भूख हड़ताल खत्म करने के साथ जरांगे ने सरकार को तीन महीने का समय दिया है। ऐसे में आने वाले महीनों में सरकार की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर इस आंदोलन की आगे की दिशा निर्भर करेगी।

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