अब राजनीतिक मंथन से होगा लॉकडाउन! सरकार ने उठाया ये कदम

महाराष्ट्र कोविड 19 की दूसरी लहर से सबसे अधिक प्रभावित है। लॉकडाउन का विरोध जनता, सरकार और विपक्ष सभी क्षेत्र से हो रहा है। ऐसे में संक्रमण की श्रृंखला तोड़ना सरकार सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।

महाराष्ट्र कोविड 19 की बड़ी लहर की मार झेल रहा है। देश के कुल कोविड 19 संक्रमण के आधे से अधिक संक्रमित महाराष्ट्र से मिल रहे हैं। ऐसे में राजनीतिक रार भी बढ़ी है। विपक्ष का ये कहना कि राज्य सरकार कोविड 19 की परिस्थिति को संभाल नहीं पाई सत्ता पक्ष को इतना अखर गया कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के साथ कोविड 19 की परिस्थिति पर हो रही समीक्षा बैठक में मुद्दे को उठा दिया। राजनीति की बिगड़ी करवट को पीएम कितना संभालेंगे ये तो वर्तमान में नहीं पता लेकिन इस बीच सरकार ने अब बड़ा निर्णय लिया है राज्य में लॉकडाउन को लेकर।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्ववाली महाविकास आघाड़ी सरकार राज्य में कोविड19 संक्रमण पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है। अभी जो कदम उठाए हैं उनसे भी कड़े, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को भंग किया जा सके। इसे लेकर टीका-टिप्पणी हो रही थी इसलिए ठाकरे सरकार शनिवार को सर्वदलीय बैठक करने जा रही है।

भाजपा के ये नेता आएंगे
भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन विपक्ष में बैठी है। ऐसी स्थिति में विधायकों के आंकड़ों की शक्ति को लेकर उनका दबदबा दिखता है। सदन से सड़क तक वे लगातार उतरते रहे हैं। कोविड 19 का संक्रमण जब फिर तेजी से बढ़ने लगा तो भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार को घेरे में ले लिया।

राज्य सरकार के लिये इधर कोविड 19 का संक्रमण उधर उसके नेताओं की चाल, चरित्र और चेहरा चिंता का विषय है। नेता और अधिकारी को संभालते हुए सरकार के समक्ष बड़ा संकट है। एक नेता का विवाद समाप्त नहीं होता कि, दूसरे का नाम सामने आ जाता है। ऐसी परिस्थिति में सरकार अब लॉकडाउन पर राजनीतिक मंथन के जरिये ही कोई बड़ा निर्णय लेने के प्रयत्न में है। जिसमें भारतीय जनता पार्टी को साथ रखना आवश्यक है। भाजपा की ओर से बैठक में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस और प्रदेशाध्यक्ष चंद्रकांत पाटील सम्मिलित हो सकते हैं।

मनसे भी होगी सम्मिलित
कोवड 19 के संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए राज्य सरकार की ओर से आयोजित मंत्रणा में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से राज ठकरे सम्मिलित होंगे। इसके पहले भी मुख्यमंत्री ने राज ठाकरे से फोन पर चर्चा की थी। इसके बाद मनसे नेताओं की बयानबाजी अचानक बंद हो गई और मनसे राज्य सरकार के समर्थन में आ गई।

वैसे इस बैठक के कुछ दिन पहले ही छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती (तिथिनुसार) के अवसर पर शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक के प्रांगण में एक भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इसमें महाविकास आघाड़ी के घटक दल के नेताओं को आमंत्रित किया गया था। आमंत्रित सभी नेता आए लेकिन इसमें राज ठाकरे को आमंत्रित नहीं किया गया था। राज ठाकरे राजनीति में विपक्ष भले ही हों लेकिन उसके साथ ही वे शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के भतीजे और ठाकरे परिवार के सदस्य है।

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