इसलिए निर्विरोध होगा राज्यसभा उपचुनाव!

कांग्रेस नेता रजनी पाटील द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद बालासाहेब थोरात ने विपक्षी भाजपा को महाराष्ट्र की परंपरा का हवाला दिया था।

 कांग्रेस राज्य सभा सांसद राजीव सातव के निधन के बाद महाराष्ट्र में राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है। कांग्रेस ने रजनी पाटील को उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव के लिए संजय उपाध्याय को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन प्रदेश के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी और उनसे राज्यसभा चुनाव निर्विरोध कराने का अनुरोध किया था। उनका सम्मान करते हुए और राज्य की परंपरा को बनाए रकने के लिए भाजपा उम्मीदवार संजय उपाध्याय अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे।

चर्चा कर लिया गया निर्णय
भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि कुछ दिन पहले बालासाहब थोरात और नाना पटोले ने मुझसे मुलाकात कर राज्यसभा उपचुनाव निर्विरोध कराने का अनुरोध किया था। हम पार्टी प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील और कोर कमेटी के साथ चर्चा करने के बाद उनके अनुरोध के बारे में निर्णय लेंगे। उसके बाद घोषणा की गई है कि संजय उपाध्या अपनी उम्मीदवारी वापस ले लेंगे।

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थोरात की वो बात
रजनी पाटील द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद बोलते हुए, बालासाहेब थोरात ने विपक्षी भाजपा को महाराष्ट्र की परंपरा का हवाला दिया था। थोरात ने कहा था कि मुझे विश्वास है कि विपक्षी दल के रूप में उनकी कुछ भूमिका भी हो, तो भी वे राज्य की परंपरा को कायम रखेंगे और निर्विरोध चुनाव कराएंगे। हम इसके लिए उनसे अपील करेंगे।” इस बीच भाजपा ने प्रदेश की परंपरा को ध्यान में रखते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया है।

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