Wayanad Bypoll: रायबरेली लोकसभा सीट बरकरार रखेंगे राहुल गांधी, वायनाड उपचुनाव लड़ेंगी प्रियंका

राहुल गांधी ने वायनाड और रायबरेली दोनों लोकसभा सीटों से जीत हासिल की थी और उन्हें 4 जून को आए लोकसभा नतीजों के 14 दिनों के भीतर इनमें से एक सीट छोड़नी थी।

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Wayanad Bypoll: कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए 17 जून (सोमवार) को घोषणा की कि वह रायबरेली को ही अपनी लोकसभा सीट (Lok Sabha Seat) के रूप में बरकरार रखेंगे। प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) वायनाड से उपचुनाव लड़ेंगी।

अपने फैसले के तुरंत बाद मीडिया को दिए गए बयान में राहुल ने कहा, “वायनाड और रायबरेली से मेरा भावनात्मक जुड़ाव है। मैं पिछले 5 सालों से वायनाड से सांसद था। मैं लोगों के प्यार और समर्थन के लिए उनका शुक्रिया अदा करता हूं। प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड से चुनाव लड़ेंगी, लेकिन मैं समय-समय पर वायनाड भी जाता रहूंगा। रायबरेली से मेरा पुराना रिश्ता है, मुझे खुशी है कि मुझे फिर से उनका प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा, लेकिन यह एक कठिन फैसला था।”

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मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर चर्चा
राहुल ने आगे कहा, “प्रियंका गांधी चुनाव लड़ने जा रही हैं और मुझे विश्वास है कि वह चुनाव जीतेंगी। वायनाड के लोग सोच सकते हैं कि उनके पास संसद के दो सदस्य हैं, एक मेरी बहन हैं और दूसरी मैं। वायनाड के लोगों के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं, मैं वायनाड के हर एक व्यक्ति से प्यार करता हूं।” इससे पहले आज कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने सोमवार को पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर इस बात पर चर्चा की कि राहुल गांधी को वायनाड या रायबरेली सीट छोड़नी चाहिए या नहीं।

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लोकसभा में विपक्ष के नेता
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता का पद संभालेंगे। चर्चा के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल और प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद थे। राहुल गांधी ने वायनाड और रायबरेली दोनों लोकसभा सीटों से जीत हासिल की थी और उन्हें 4 जून को आए लोकसभा नतीजों के 14 दिनों के भीतर इनमें से एक सीट छोड़नी थी।

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