जम्मू-कश्मीरः अब इसलिए आंदोलन करेंगी महबूबा!

सरकार के हर कदम का विरोध करने वाली जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती एक बार फिर सुर्खियों में हैं।

 जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर वर्तमान भाजपा सरकार को तानाशाही सरकार करार देते हुए सरकार की किसान विरोधी गतिविधियां चलाने का आरोप लगाया है। वीरवार को अपने आरएसपुरा दौरे के दौरान सीमांत गांव घराना में गांव वासियों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वर्तमान सरकार ने किसान विरोधी गतिविधियां जारी रखते हुए सीमांत किसानों की जमीन हासिल करने का प्रयास किया है। हम घराना विस्तार प्रोजेक्ट के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि सरकार के उन निर्णयों के खिलाफ हैं, जो सरकार कानून को भी न मान कर किसानों को दर्द देने से बाज नहीं आ रही है।

महबूबा आज घराना के प्रभावित किसानों की समस्याओं का जायजा लेने के लिए आयोजित एक सभा को संबोधित कर रही थी।

महबूबा ने कहा कि अगर सरकार चाहती हैं कि पक्षियों के लिए बेहतर सुविधाओं के लिए घराना का विकास करवाया जाए तो इसके लिए सरकार को पहले प्रभावित किसानों से बातचीत कर उन्हें उनकी जमीन के बदले जमीन देने के लिए कदम उठाने चाहिए थे। अगर सरकार किसानों को जमीन के बदले जमीन नहीं दे सकती है तो फिर उनको उनकी कृषि योग्य भूमि के बदले में वर्तमान मार्केट के हिसाब से उचित मुआवजा देने की कदम उठाती। इस अवसर पर डीडीसी सदस्य तरनजीत सिंह टोनी, सरपंच गुरदयाल सिंह सहित स्थानीय किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती को किसानों की मांगों के समर्थन एक ज्ञापन पत्र भी सौंपा, जिस पर उन्होंने घराना के किसानों को भी यकीन दिलाया कि वह घराना के प्रभावित किसानों की मांगों की पूर्ति के लिए संघर्ष करेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here