चुनाव से पहले कांग्रेस नेता क्यों करते हैं प्रधानमंत्री के खिलाफ बयानबाजी? जानिये, पहले किस-किस की फिसल चुकी है जुबान

प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कहने वाले कांग्रेसी नेताओं की सूची काफी लंबी है।

गुजरात और हिमाचल प्रदेश में मतदान में 20-25 दिन ही बाकी रह गए हैं। इस बीच कांग्रेस ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जो उसके लिए घातक साबित हो सकते हैं। इसी कड़ी में एक बार फिर पार्टी के एक नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए गलत शब्द का इस्तेमाल किया है। उसके बाद  जयराम रमेश ने भी प्रधानमंत्री को यू टर्न उस्ताद बताकर पार्टी के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।

वर्ष 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए गलत इस्तेमाल किया था। अब एक बार फिर गुजरात में विधानसभा चुनाव सिर पर है। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री ने मोदी के लिए गलत शब्द का इस्तेमाल किया है।

 दो नेताओं की फिसली जुबान
-12 नवंबर को मिस्त्री ने गुजरात चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि वे आने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की औकात बता देंगे।

-वहीं 13 नवंबर को जयराम रमेश ने फूड सिक्योरिटी को लेकर केंद्र सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दायर शपथपत्र पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री यू टर्न उस्ताद हैं। इस तरह की बयानबाजी पार्टी के लिए महंगी साबित हो सकती है।

भुगतना पड़ा है खमियाजा
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस को बयानबाजी का खमियाजा भुगतना पड़ा है। भाजपा उनके बयानों को भुनाने में मास्टर है और वो इसके लिए एक बार फिर सक्रिय हो गई है। भारतीय जनता पार्टी इस तरह की बयानबाजी को कांग्रेस की मानसिकता बताने लगती है। इस तरह वह जनता की सहानुभूति बटोर लेती है। ऐन चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस नेताओ ने इस तरह की बयानबाजी कर अपने ही पैर में कुल्हाड़ी मार ली है। इस बार भी मिस्त्री और जयराम रमेश की बयानबाजी कांग्रेस को भारी पड़ सकती है।

इन कांग्रेसी नेताओं की फिसल चुकी है जुबान
प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कहने वाले कांग्रेसी नेताओं की सूची काफी लंबी है। इसमें राहुल गांधी से लेकर मणिशंकर अय्यर, सुबोधकांत सहाय,रणदीप सुरजेवाला, अलका लांबा, शेख हुसैन, अजय राय आदि शामिल हैं। कांग्रेसी नेताओं की जुबान फिसल जाती है या फिर वे जान-बूझकर इस तरह के बयान देते हैं, ये एक मुद्दा है, लेकिन इतना तय है कि इससे कांग्रेस को एक बार फिर नुकसान हो सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here