Pakistan: पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल के दामों में संभावित बेतहाशा बढ़ोतरी की खबरों ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। देश में पहले से जारी आर्थिक तंगी के बीच ईंधन पर टैक्स और कीमतों में लगातार इजाफे की आशंका से नागरिक और व्यापारी वर्ग सड़कों पर उतरने लगे हैं। पेट्रोल पंपों पर लगती लंबी कतारों और बुनियादी चीजों के महंगे होने के डर ने देश भर में बड़े विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि तैयार कर दी है।(Pakistan)
विपक्षी दलों का हल्लाबोल और सरकार की बेचैनी
आर्थिक मोर्चे पर विफलता का आरोप लगाते हुए प्रमुख विपक्षी दलों, व्यापारी संगठनों और धार्मिक-राजनीतिक गुटों ने सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है। प्रमुख शहरों में चक्का जाम, धरना-प्रदर्शन और रैलियों के ज़रिए सरकार पर चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है। सरकार को अंदेशा है कि यह जन-आक्रोश किसी बड़े राजनीतिक तख्तापलट या बेकाबू कानून-व्यवस्था के संकट में बदल सकता है।(Pakistan)
प्रमुख शहरों में लॉकडाउन जैसी सख्ती और सुरक्षा बलों की तैनाती
बढ़ते विरोध को कुचलने के लिए शासन ने इस्लामाबाद, कराची, लाहौर और पेशावर जैसे प्रमुख शहरों में कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। मुख्य सड़कों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, धारा 144 के तहत सभाओं पर रोक है और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस व अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। कई स्थानों पर इंटरनेट सेवाओं को प्रभावित कर प्रदर्शनकारियों की लामबंदी को रोकने की कोशिश की जा रही है।((Pakistan)
व्यापार ठप और रोजमर्रा की जिंदगी पर ब्रेक
बाजारों को समय से पहले बंद करने के फरमानों और आवाजाही पर लगी बंदिशों से आम जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद है, जिससे दैनिक वेतनभोगियों और आम नागरिकों के लिए आजीविका चलाना मुश्किल हो गया है। आर्थिक मंदी के दौर में इस तरह के बंद और प्रतिबंधों से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को रोजाना अरबों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।(Pakistan)
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बारूद के ढेर पर मुल्क और अनिश्चितता का माहौल
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं की शर्तों और देश के भीतर भड़के जनाक्रोश के बीच फंसी सरकार के पास विकल्प सीमित नजर आ रहे हैं। एक तरफ जहां सुरक्षा बल बलपूर्वक स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिक और प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इस स्थिति ने पूरे पाकिस्तान को एक अनिश्चितता और बड़े राजनीतिक-आर्थिक विस्फोट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।(Pakistan)

