पश्चिम बंगाल में शनिवार (1 अगस्त 2026) से 16वीं जनगणना का कार्य शुरू हो गया। पहली बार जनगणना में डिजिटल माध्यम से सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नवान्न में स्वयं डिजिटल माध्यम से अपना सेल्फ-एन्यूमरेशन कर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने लोगों से इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि किसी भी व्यक्ति की निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी। (West Bengal)
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की जनगणना दो कारणों से विशेष है। पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है और नागरिक स्वयं भी ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिक अधिक से अधिक संख्या में स्व-गणना करें और जनगणना कर्मियों का सहयोग करें। (West Bengal)
ऑनलाइन स्व-गणना का पहला चरण 15 अगस्त तक चलेगा। इसके लिए जनगणना पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति लगभग 10 मिनट में अपना प्रपत्र भर सकता है। इस दौरान आवेदकों को कुल 34 प्रश्नों के उत्तर देने होंगे, जिनमें आवास और परिवार से संबंधित जानकारी शामिल होगी। (West Bengal)
दूसरे चरण में 16 अगस्त से 14 सितंबर तक राज्यभर में फील्ड एन्यूमरेशन किया जाएगा। इसके तहत जनगणना के लिए नियुक्त सरकारी कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। इसके बाद जनसंख्या संबंधी दूसरे चरण की गणना लिंग सहित अन्य विवरणों के आधार पर की जाएगी, जो 28 फरवरी 2027 तक पूरी होगी। (West Bengal)
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जनगणना के लिए 14,399 कर्मचारी, 3,400 सुपरवाइजर तैनात
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनगणना कार्य के लिए राज्य में 3,400 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जबकि कुल 14,399 कर्मचारी इस अभियान में लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक और डिजिटल जनगणना विकसित भारत तथा जनकल्याण के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। (West Bengal)
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