पुलिसवालों के ऐसे काम… देखकर आप हो जाएंगे हैरान

समाज और पुलिस का संबंध बहुत ही पास का होता है। इसमें कई ऐसे दृष्टांत सामने आते हैं जिन्हें देखकर पुलिस कर्मियों के लिए मन से सम्मान निकलता है। ऐसे ही दृष्य छत्तीसगढ़ और दिल्ली के हैं।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा का नाम लेते ही मस्तिष्क में नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में कल्पनाएं उत्पन्न होने लगती हैं। लेकिन नक्सल प्रभावित होना दंतेवाड़ा का एक दुर्भाग्य है लेकिन, उसका सौभाग्य है वहां की जनता, वहां का प्रशासन। जो अपने समाज के कुछ पूतों के जयचंद बनने के बाद भी तटस्थ होकर मातृभूमि की रक्षा और कर्तव्यों के लिए खड़े रहते हैं। इन्हीं कर्मदूतों में से एक हैं दंतेवाड़ा में पुलिस उपाधीक्षक पद पर तैनात शिल्पा साहू। जो लॉकडाउन लगने के बाद सड़कों पर चिलचिलाती धूप के बावजूद हाथ में डंडा थामे यातायात जांच करती हैं।

शिल्पा साहू पांच महीने की गर्भवती हैं। लेकिन कर्तव्य के आगे न अपनी चिंता और न ही पांच महीने की उस नन्हीं जान की चिंता है जो गर्भ में पल रहा है। चिंता है तो कोरोना से समाज को कैसे बचाया जाए। वे अपने दल के साथ लगातार खड़ी रहती हैं, अनायास घर से निकलनेवालों को समझाती हैं, चालान काटती हैं और जहां आवश्यकता लगती है सहायता भी उपलब्ध कराती हैं। शिल्पा साहू का एक वीडियो इस समय खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोगों की खासी प्रतिक्रिया भी आ रही है। आप भी देखिये…

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इसके अलावा भी कई ऐसे वीडियो हैं जो मानवता और सेवा की मिसाल हैं। एक वीडियो दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल का है जिसमें एक अस्सी साल के बुजुर्ग को जब कोरोना ने संक्रमित किया तो उनके बेटे ने घबराकर साथ छोड़ दिया। राजेंद्र नगर क्षेत्र से उस बुजुर्ग को उठाकर दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल राजू राम अस्पताल ले आए। उन्होंने उखड़ती सांसों से जूझ रहे बुजुर्ग को भर्ती कराया।

शिल्पा साहू और राजू राम का कार्य देखकर सोशल मीडिया पर बहुत अच्छा प्रतिसाद उमड़ रहा है। एक ट्वीटर यूजर कृतिका पाण्डे ने शिल्पा साहू की सराहना की है।

दीपांशु काबरा लिखते हैं, कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से लोगों को बचाने पुलिस इन दिनों हर संभव कोशिश कर रही है आप भी जिम्मेदार नागरिक की भूमिका अदा करें और लॉक डाउन के दौरान घर पर सुरक्षित रहें।

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गोल्डी सिंह ने इस कार्य के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के जज्बे को नमन किया है।

इसी प्रकार दिल्ली पुलिस के कार्य की सराहना तो खुद छत्तीसगढ़ में जिलाधिकारी पद पर तैनात अवनीश शरण ने की है।

एसआरएम नामक एक व्यक्ति ने लिखा है कि, दिल्ली पुलिस के कार्य की प्रशंसा करनी चाहिए लेकिन ऐसे पुत्र पर कड़ी कार्रवाई भी होनी चाहिए।

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