क्यों बोले डोभाल… अब समय आ गया है कि इजरायल के साथ हो जाएं!

भारत और इजरायल आतंक के ही एक रोग से पीड़ित हैं। इजरायल ने भारत से एक साल बाद 1948 में स्वतंत्रता प्राप्ति की और वर्तमान में विश्व की आर्थिक और सामरिक शक्तियों का केंद्र बिंदु है। गाजा पट्टी से हमास के हमले ने उसके नागरिकों को एकजुट कर दिया है। इजरायली देश में एक होकर खड़े हैं तो सीमा पर सैनिक डटे हैं और उनकी तकनीकी ऐसी है कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता।

इजरायल और हमास के बीच युद्ध अतिविध्वंसक मोड़ पर पहुंच चुका है। हमास के हमले चल रहे हैं। जिसका उत्तर इजरायल की ओर से भी पूरी तरह से दिया जा रहा है। इजरायल के समर्थन में विश्व के कई देश उतरे हैं, जिसमें भारत भी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने तो आतंकवादियों के खात्मे की कहानी लिखने का बिगुल फूंक दिया है।

अजीत डोभाल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि अब समय आ गया है भारतीय सेना को इजरायल की सेना के साथ मिलकर आंतिकवादियों को मुंहतोड़ उत्तर देने का। डोभाल के विषय में कहा जाता है कि वे जल्दी किसी मुद्दे पर अपना मत प्रकट नहीं करते लेकिन इजरायल के साथ जो सामरिक साझेदारी और संबंध हैं, उसकी गहराई के अनुरूप उनका यह कहना स्वाभाविक भी ही। राष्ट्रहित सर्वोपरि है, जिसकी सीमाओं पर चीन और पाकिस्तान जैसा दुश्मन हो उसे तकनीकी, शक्ति और कूटनीति से ही चलना हितकर होता है और इसमें अजीत डोभाल का कोई सानी नहीं है।

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इजरायल सामरिक संबंधों का साथी
इजरायल और भारत के बीच संबंध बहुत पुराने हैं। रूस के बाद इजरायल, भारत का सबसे बड़ा सामरिक साझेदार है, 2015-2019 के बीच रूस से सामरिक सामानों का आयात जहां 47 प्रतिशत घटा वहीं, इस कालखण्ड में इजरायल से भारत के बीच सामरिक आयात में 175 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इजरायल के कुल हथियार निर्यात का 46 प्रतिशत भारत खरीदता है। दोनों देश आतंकवाद निरोधी जॉइंट वर्किंग ग्रुप के सदस्य हैं। जिसके अंतर्गत आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों में कानूनी सहायता देना, होमलैंड सिक्योरिटी में सहयोग, क्लासिफाइड मेटेरियल और साइबर सुरक्षा में सहयोग शामिल है।

भारतीय पुलिस सेवा के कर्मचारी प्रतिवर्ष इजरायल नेशनल पुलिस अकादमी प्रशिक्षण के लिए जाते हैं। इसके सीमा सुरक्षा बल इजरायली फेन्सिंग सिस्टम, राडार प्रणाली का उपयोग करती है।

हमास ने दागे इतने रॉकेट
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता ओफिर जेंडलमैन ने बताया कि उनके देश पर हमास ने अब तक 2,500 से अधिक रॉकेट हमले किये हैं, इनमें से एक तिहाई रॉकेट गाजा पट्टी में ही गिर गए, जिसमें कई फिलिस्तीनी मारे गए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि हमास कोई पूर्व सूचना नहीं देता और न ही नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए घोषणा करता है। वह हमारे अधिक से अधिक लोगों को मारना चाहता है। दोनों देशों के बीच पिछले छह दिनों से हमले जारी हैं, जो 2014 के बाद सबसे बड़ा संघर्ष है।

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गाजा पर जवाबी कार्रवाई
गाजा पट्टी से किये जा रहे रॉकेट अटैक के बीच इजरायल ने बड़ी जवाबी कार्रवाई की है। जिसमें गाजा की प्रसिद्ध बहुमंजिला इमारत अल जला टॉवर को धराशायी कर दिया। इस हमले के पहले इजरायल ने इमारत को खाली करने की चेतावनी जारी की थी।

इस इमारत में एसोसिएटेड प्रेस समेत कई मीडिया संस्थानों का कार्यालय भी स्थित है। इस हमले में 11 फिलिस्तीनियों के मारे जाने की आशंका व्यक्त की गई है। इस बीच युद्ध की त्रासदी के मध्य गाजा पट्टी में अब तक 139 लोगों की मौत हो गई, जबकि इजरायल में 8 लोगों की मौत होने की जानकारी मिली है।

अरब देशों की बैठक
सऊदी अरब ने मुस्लिम देशों के विदेश मंत्रियों की एक बैठक बुलाई है। यह बैठक वर्चुअल होगी। विश्व के 57 देशों का यह ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन संगठन है। इसमें इजरायल की कार्रवाइयों की समीक्षा की जाएगी।

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