24 गोल फेल, जर्मनी का निकला तेल! सोशल मीडिया पर छाये हॉकी वीर

भारतीय हॉकी टीम ने काफी रोमांचक ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से मात देकर ओलंपिक में 41 साल बाद किसी मेडल जीतने में सफलता हासिल की।

भारतीय मेंस हॉकी टीम ने 5 अगस्त को जापान के टोक्यो में जारी ओलंपिक खेलों में इतिहास रचते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमा लिया। टीम ने काफी रोमांचक ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से मात देकर ओलंपिक में 41 साल बाद किसी मेडल जीतने में सफलता हासिल की।

इस रोमांचक मुकाबले में भारत के लिए जीत आसान नहीं थी। लेकिन टीम ने जर्मनी के आक्रमण को मात देने की योजना बनाई और उसमें सफलता हासिल की। खास बात यह है कि जर्मनी ने मैच में कुल 24 शॉट लगाए,लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने 20 बार उसे नाकाम कर दिया। इसके साथ ही भारत ने जर्मनी के 83 प्रतिशत गोल दागने की कोशिश को नाकाम करते हुए अपना आक्रमण जारी रखा। भारतीय टीम को जब भी मौका मिला, गोल दागकर मुकाबले में जीत हासिल की।

पीएम ने बताया ऐतिहासिक दिन
इस पूरे मैच को पीएम मोदी टकटकी लगाए देखते रहे और जीत के बाद खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘ऐतिहासिक, आज का दिन सभी भारतीय की यादों में रहेगा।’

दबाव में भी धमाकेदार प्रदर्शन
8 बार ओलंपिक चैंपियन और विश्व के तीसरे नंबर की भारतीय टीम एक समय 1-3 से पीछे चल रही थी। लेकिन दबाव में भी उसने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 8 मिनट में चार गोल दागकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमा लिया।

रोमांचक पल
इस ऐतिहासिक मैच में कई पल आए, जब लग रहा था कि भारत के हाथों से मेडल फिसल जाएगा। लेकिन खिलाड़ियों ने सही वक्त पर बाहर निकलकर न केवल खुद को साबित किया बल्कि चार दशक से भारत के मेडल जीतने के सपने को भी पूरा किया।

जर्मनी की टीम शुरू में थी आक्रामक
इस रोमांचक मुकाबले में जर्मनी ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया और तिमूर ओरुज ने दूसरे मिनट में गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 से बढ़ दिला दी। जर्मन टीम पहले क्वार्टर के समाप्त होने तक एक गोल से बढ़त बनाए हुई थी। लेकिन दूसरे क्वार्टर में भारत ने वापसी की और 17वें मिनट में ही बराबरी प्राप्त कर ली। भारत की ओर सिमरनजीत ने यह गोल दागा। हालांकि इसके बाद जर्मनी ने भी अपना आक्रमण तेज कर दिया तथा हाफ टाइम से कुछ पहले तक 3-1 से बढ़त बना ली। लेकिन भारत मे फिर धमाकेदार वापसी की और 27वें मिनट में दो गोल दाग कर हाफ टाइम तक स्कोर को 3-3 के बराबरी पर पहुंचा दिया।

दूसरे हाफ शुरू होते ही रुपिंदर पाल सिंह ने गोल दागा और भारत का स्कोर 4-3 से आगे हो गया। उनके तीन मिनट बाद सिमरनजीत ने दूसरा गोल दागते हुए भारत को 5-3 की शानदार बढ़त दिलाई। जर्मनी की टीम ने इसके बाद वापसी की पूरी कोशिश की लेकिन वो इसके बाद वो सिर्फ एक गोल कर पाई और भारत ने 5-4 से मुकबला जीतकर ब्रॉन्ज मेडल अपने कब्जे में कर लिया।

सोशल मीडिया पर छाए हॉकी वीर
पूर्व कंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हॉकी टीम को इस ऐतिहासिक जीत के लिए बधाई दी।

 

पूर्व भारतीय क्रिकेटर अनिल कुंबले ने इस जीत पर टीम को बधाई दी।

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