बॉक्सिंग में हरियाणा की लड़कियां लड़कों से आगे!

हरियाणा के लड़कों की टीम के कोच राजबीर सिंह रंगा के अनुसार बॉक्सिंग में विभिन्न भार वर्गों में कुल 20 गोल्ड पदकों के लिए मुकाबले होने निर्धारित होते हैं।

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पंचकूला के ताऊ देवीलाल खेल परिसर में खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2021 के आखिरी दिन बॉक्सिंग मुकाबलों को देखने के लिए खेल प्रेमियों की भीड़ देखते ही बन रही थी। बहुउद्देशीय हॉल मिनी क्यूबा बना हुआ था। जहां पर हरियाणा की 8 लड़कियों व 5 लडक़ों के फाइनल मुकाबले चल रहे थे।

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े तकनीकी अधिकारी, देशभर से आए मैच रैफरी, ज्यूरी सदस्य, कोच व खिलाड़ियों के अभिभावकों सहित बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। पंचकूला के कई स्कूलों के बच्चों ने भी मैच का आनंद उठाया।

हरियाणा के लड़कों की टीम के कोच राजबीर सिंह रंगा के अनुसार बॉक्सिंग में विभिन्न भार वर्गों में कुल 20 गोल्ड पदकों के लिए मुकाबले होने निर्धारित होते हैं। उन्होंने कहा कि आशा है कि 10 गोल्ड हरियाणा को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग के प्रति हरियाणा के खिलाड़ियों का रूझान पिछले कई वर्षों से बढ़ा है। हरियाणा की टीम में प्रत्येक जिले से कोई न कोई खिलाड़ी प्रतिनिधित्व कर रहा है।

जोखिम भरा खेल
बॉक्सिंग अन्य खेलों के मुकाबले जोखिम भरा खेल है। खेलो इंडिया यूथ गेेम्स में 18 आयु वर्ग तक के ही खिलाड़ी भाग ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को तैयार करने में जहां कोच व खेल अकादमियों की भूमिका होती है वहीं उससे भी ज्यादा खिलाड़ी के अभिभावकों की रहती है। आज इस हॉल में कई खिलाड़ियों के माता-पिता की उपस्थिति दिखा रही है कि उनमें भी खेल भावना कूट-कूट कर भरी हुई है।

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