दाभोलकर हत्या प्रकरण के आरोपी को मिली जमानत

महाराष्ट्र अंद्ध श्रद्धा निर्मूलन समिति के संस्थापक डॉ,नरेंद्र दाभोलकर की हत्या के प्रकरण में गिरफ्तार विक्रम भावे को राहत मिल गई है। उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय ने एक लाख के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दे दी है।

इस प्रकरण में विक्रम भावे को 25 मई 2019 को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगशन ने गिरफ्तार किया था। उन पर इस प्रकरण के आरोपी सचिन अंदुरे और शरद कलसकर को रेकी में सहायता करने का आरोप है। उच्च न्यायालय में भावे की जमानत नामंजूर हो इसके लिए सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन याचिका दायर की थी। लेकिन उसे न्यायालय ने अमान्य कर दिया। न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पितले की खण्डपीठ ने भावे की जमानत याचिका मान्य कर लिया। उच्च न्यायालय ने भावे को एक लाख के निजी मुचलके और उतने के ही दो जमानतदार पेश करने के बाद सशर्त जमानत दी है।

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इसे मराठी में पढ़ें – डॉ. दाभोलकर हत्याप्रकरणातील आरोपी विक्रम भावेंना जामीन मंजूर!

ये है प्रकरण

  • 20 अगस्त 2013 को पुणे के ओंकारेश्वर पुल पर डॉ.नरेंद्र दाभोलकर को गोली मार दी गई थी।
  • उन पर जब यह हमला हुए वे सबेरे टहलने के लिए निकले थे
  • दाभोलकर के सिर में मारी गई थी दो गोली
  • इस प्रकरण की जांच पुणे पुलिस के हाथ से सीबीआई को सौंपी गई

चार लोगों पर है आरोप
इस प्रकरण में सीबीआई ने शुरुआत में डॉ.तावडे को मास्टरमाइंड मानकर गिरफ्तार किया था। इसके बाद विनय पवार और सारंग अकोलकर को फरार आरोपी घोषित किया गया था। इस बीच नालासोपारा से बरामद विस्फोटक प्रकरण में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उसमें से सचिन अंदुरे और शरद कलसकर को डॉ.नरेंद्र दाभोलकर का हत्यारा बताया गया। इन लोगों को रेकी करने में विक्रम भावे द्वारा सहायता किये जाने की बात सीबीआई ने किया है।

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