यूपी में माफियाओं की कमर तोड़ने का सिलसिला जारी, अब हाथी के इस साथी पर लगा गैंगस्टर एक्ट

उत्तर प्रदेश में चुनाव पूर्व अपनी घोषणाओं के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर माफियाओं के खिलाफ अभियान जारी है। इसी क्रम में एक और माफिया पर शिकंजा कसा गया है।

उत्तर प्रदेश में योगी राज 2.0 में माफियाओं की कमर तोड़ने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश ने खनन माफिया हाजी इकबाल की 50 बेनामी संपत्ति जब्त कर ली गई है। इनकी कुल कीमत 21 करोड़ आंकी गई है। हाजी इकबाल बहुजन समाज पार्टी का पूर्व एमएलसी है।

यह कार्रवाई सहारनपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत की है। जिले के एसएसपी आकाश तोमर ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इकबाल काजी की ग्लोकल यूनिवर्सिटी पर भी कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने कहा कि माफियाओं के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

नौकर और उसके बेटे के नाम करोड़ों की संपत्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार पहले ही बेहट क्षेत्र में स्थित इकबाल काजी की संपत्तियों की पहचान कर ली गई थी। जब्त की गई संपत्तियों में 600 बीघा जमीन भी शामिल है। उसने अपने नौकर नसीम के बेटे अब्दुल गफ्फार के नाम पर करोड़ों की संपत्ति खरीद रखी है। उसके नाम पर तीन चीनी मिल भी हैं। हाजी इकबाल ने नसीम को भी लखीमपुर खीरी, गोरखपुर और सीतापुर की चीनी मिलों का निदेशक बना रखा है। नसीम पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और वह जेल की हवा खा रहा है।

ईडी ने की है बड़ी कार्रवाई
बता दें कि हाजी इकबाल ने फर्जी कंपनियां बनाकर यूपी की बंद पड़ी कई चीनी मिलों की खरीदी की थी। ईडी अब तक उसकी 1097 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी है। हाजी इकबाल के कई करीबी को पुलिस और जांच एजेंसियां पहले ही गिरफ्तार कर चुकी हैं। इकबाल सहारनपुर में खनन माफिया के नाम से कुख्यात है।

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