जेल में मुख्तार अंसारी से करीबी रखना डिप्टी जेलर को पड़ा महंगा, अब भुगत रहे हैं ऐसी सजा

निरीक्षण के दौरान डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह द्वारा डीएम और एसपी का सहयोग किया गया, लेकिन जो खामियां पाई गईं, उन पर भी पर्दा डालने की कोशिश की गई।

उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में स्थित मंडल कारागार में पूर्वांचल का माफिया पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी बंद है। जिसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह के सवाल खड़े होते रहे हैं। 6 जून की रात अचानक जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जेल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों को मुख्तार अंसारी के साथ डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह की संलिप्तता पाई गई। डिप्टी जेलर ने निरीक्षण के समय न तो अधिकारियों का सहयोग किया और न ही किसी भी सवाल का जवाब दिया। जिसकी रिपोर्ट डीएम ने महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार लखनऊ को दी। जिन्होंने डिप्टी जेलर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर लखनऊ कारागार प्रशिक्षण संस्थान से संबद्ध कर दिया

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परिजन उठाते रहे हैं सुरक्षा पर सवाल
मंडल कारागार में बंद मुख्तार अंसारी के परिजनों द्वारा कई बार अंसारी के सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए। सुरक्षा को लेकर ही उनके अधिवक्ता द्वारा उनके मुकदमों में पेशी के लिए न भेजने की पैरवी की गई, हालांकि मुख्तार अंसारी की जेल में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिसकी सीसीटीवी कैमरे से लखनऊ से मॉनिटरिंग की जा रही है। समय-समय पर स्थानीय प्रशासन द्वारा भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाता है।

दो घंटे तक चला तलाशी अभियान
जिलाधिकारी अनुराग पटेल और पुलिस अधीक्षक अभिनंदन 6 जून की रात लगभग 10 बजे अचानक जेल पहुंचे। जेल में बंद मुख्तार की बैरिक समेत अन्य संदिग्ध बंदियों की सघन तलाशी की गई। आने-जाने वालों की इंट्री भी रजिस्टर में देखी गई। जैमर और सीसी कैमरों के बारे में भी जानकारी हासिल की गई। साथ ही जो मुख्तार की सुरक्षा में सुरक्षाकर्मी लगे थे, उनसे भी पूछताछ की गई। लगभग 2 घंटे तक जेल में सघन तलाशी अभियान चलता रहा।

खामियों पर पर्दा डालने की कोशिश
निरीक्षण के दौरान डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह द्वारा डीएम और एसपी का सहयोग किया गया, लेकिन जो खामियां पाई गईं, उन पर भी पर्दा डालने की कोशिश की गई। जेल के माहौल व सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ के दौरान अधिकारियों को डिप्टी जेलर और मुख्तार अंसारी के बीच संलिप्तता पाए जाने पर जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने इस मामले की रिपोर्ट महानिरीक्षक कारागार प्रशासन एवं सुधार लखनऊ को भेज दी। बीती देर शाम उपमहानिरीक्षक कारागार शैलेंद्र कुमार ने डिप्टी जेलर धीरेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जिलाधिकारी अनुराग पटेल में डिप्टी जेलर के खिलाफ की गई कार्रवाई की पुष्टि की है।

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