जानिये… 5 महीनों से लगातार रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन का क्या है मतलब?

राजस्व विभाग ने फरवरी 2021 के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। यह पिछले वर्ष फरवरी के मुकाबले 7 फीसदी अधिक है।

कोरोना संक्रमण के बाद देश की अर्थव्यवस्था में आई गिरावट में लगातार सुधार जारी है। पिछले पांच महीनों से गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स कलेक्शन(GST) में आए सुधार से अर्थव्यवस्था में तेजी आने के संकेत मिल रहे हैं। इन महीनों में यह कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपए के पार कर गया है।

फरवरी 2021 का कलेक्शन
राजस्व विभाग ने फरवरी 2021 के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। पिछले महीने एकत्रित सकल जीएसटी राजस्व 1,13,143 करोड़ रुपये है, जिसमें सीजीएसटी 21,092 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 27,273 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 55,253 करोड़ रुपये (माल के आयात पर एकत्र 24,382 करोड़ रुपये) और उपकर 9,525 करोड़ रुपये है। अर्थव्यवस्था में आई तेजी और सरकारी प्रयासों की वजह से फरवरी में यह कलेक्शन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

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जीएसटी कलेक्शन बढ़ने के ये हैं कारण

  • इकोनॉमी में सुधार के साथ आयात बढ़ रहा है। इससे सरकार को ज्यादा रेवेन्यू मिल रहा है।
  • सरकार देश भर में जीएसटी चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अभियान चला रही है।
  • कोविड-19 के बाद कारोबार में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे रिटर्न फाइलिंग बढ़ रही है।पिछले महीने जीएसटी कलेक्शन
    जनवरी 2021 में जीएसटी कलेक्शन के तौर पर सरकार को 1 लाख 19 हजार 847 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हुआ था। जीएसटी लागू होने के बाद यह सबसे अधिक टैक्स कलेक्शन का रिकॉर्ड था। इससे पहले दिसंबर 2020 में 1 लाख 15 हजार 174 करोड़ के राजस्व के साथ सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड बना था।2020 में 5 महीने का जीएसटी कलेक्शन
    कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की वजह से 2020 में पांच महीने में जीएसटी कलेक्शन मात्र एक लाख करोड़ से थोड़ा ज्यादा रहा था। वित्त मंत्रालय के आंकड़े के मुताबिक जनवरी 2020 में 1 लाख 10 हजार 828 करोड़ रुपए क्लेक्शन रहा था। इसके अगले महीने फरवरी में 1 लाख 5 हजार 366 करोड़ रुपए जमा हुए थे। लॉकडाउन के बाद अक्टूबर, नंवबर और दिसंबर में कलेक्शन सबसे कम मात्र एक लाख करोड़ रुपए से थोड़ा अधिक रहा।

अप्रैल में सबसे कम रहा क्लेक्शन
मार्च में लॉकडाउन होने के बाद कलेक्शन घटने लगा था। मार्च में कलेक्शन एक लाख करोड़ से कम होकर मात्र 97 हजार 597 करोड़ रह गया था। अप्रैल में तो यह मात्र 32 हजार 172 करोड़ रुपए रह गया था। यह अब तक का सबसे कम है, हालांकि मई 2020 से कलेक्शन में लगातार सुधार हो रहा है।

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