अब कौन सा षड्यंत्र? रायगढ़ समुद्र में नाव से निकले हथियार, हाई अलर्ट पर राज्य

मुंबई इस्लामी आतंकी के निशाने पर रही है। जबकि अब तक हुए बड़े आतंकी हमलों के लिए समुद्री मार्ग का उपयोग ही किया गया है। इसमें वर्ष 1993 का शृंखलाबद्ध बम धमाका हो या 2008 का आतंकी हमला। दोनों ही इसके सटीक उदाहर हैं।

महाराष्ट्र के रायगढ़ में हरिहरेश्वर स्थान के समुद्र से संशयास्पद नाव पकड़ी गई है। जिसमें एक-47 राइफल पाई गई है। इसके बाद प्रशासन चौकन्ना हो गया। इन हथियारों को लाने के पीछे कोई आतंकी षड्यंत्र है क्या, इसकी जांच शुरू हो गई है। इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था हाइ अलर्ट कर दी गई है।

वर्ष 1993 में हुए बम धमाकों के लिए आरडीएक्स को रायगढ़ के शेखाड़ी और दिघी समुद्री किनारे उतारा गया था। इसके माध्यम से मुंबई में दस मिनट के अंतराल में 12 शृंखलाबद्ध धमाके कराए गए थे। गुरुवार 18 अगस्त, 2022 को बरामद की गई एके-47 किस आतंकी हमले का षड्यंत्र है इसके लेकर अब जांच शुरू हो गई है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस नाव से हथियार, विस्फोटक बरामद हुए हैं, वह ऑस्ट्रेलिया में बनी हुई है। उसमें सवार लोगों ने भारतीय तट रक्षक दल को कोई सूचना नहीं दी थी। परंतु, इस पर अभी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय पुलिस अधीक्षक अशोक दुधे ने एके-47 बरामदगी को स्वीकार किया है, परंतु इस पर अधिक जानकारी नहीं दी है।

पुलिस और एटीएस कर रही जांच
राज्य के गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधान सभा में स्पष्ट किया है कि, इस प्रकरण की जांच आतंकवाद विरोधी पथक और स्थानीय पुलिस कर रही है। उन्होंने बताया कि, संबंधित नाव लहरों के साथ बहकर आई थी। जिसकी सूचना भारतीय तटरक्षक दल ने स्थानीय पुलिस को दी।

एटीएस करे प्रकरण की जांच
स्थानीय सांसद सुनील तटकरे और उनकी विधायक पुत्री अदिति ने इस प्रकरण की जाच एटीएस से कराए जाने की बात की है। विधान सभा का सत्र चल रहा है, ऐसे समय हथियार और विस्फोटक मिलने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here