पीएनबी घोटालाः कैसे हुआ अब तक का सबसे बड़ा बैंक स्कैम? पूरी कहानी जानने के लिए पढ़ें ये खबर

पीएनबी घोटाला देश में अब तक का सबसे बड़ा बैंक स्कैम माना जाता है। यह धोखाधड़ी गारंटी पत्र (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के माध्यम से की गई। आरोपियों पर बैंक घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दो प्रमुख मामले सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय में दर्ज हैं।

नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों के साथ साठगांठ कर लगभग 14 हजार करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप है। देश में यह अब तक का सबसे बड़ा बैंक स्कैम माना जाता है। यह स्कैम गारंटी पत्र (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) के माध्यम से किया गया। इसके आरोपियों पर बैंक घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दो प्रमुख मामले सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय में दर्ज हैं। अगस्त 2018 में सीबीआई और ईडी ने ब्रिटेन से नीरव मोदी और एंटीगुआ से मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध पत्र भेजा था। यह घोटाला 2011 से 2018 तक बेरोक-टोक चलता रहा था।

घोटोले के बाद भारत में भगोड़ा घोषित नीरव मोदी लंदन की एक जेल में बंद है, जबकि उसका मामा मेहुल चोकसी एंटीगुआ का नागरिक है और फिलहाल वह रहस्यमय तरीके से डोमिनिका में पकड़ा गया है।

लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए हुआ घोटाला
पीएनबी घोटाले में सबसे महत्वपूर्ण है लेटर ऑफ अंडरटेकिंग यानी एलओयू। बैंकीय व्यवस्था में यह बहुत ही प्रचलित है और इसका इस्तेमाल धड़ल्ले से होता है।

एलओयू क्या है?
भारत के बाहर से जो लोग सामान आयात करते हैं, उन्हें विदेशी निर्यातकों को पैसे चुकाने पड़ते हैं। इसके लिए अगर आयातकर्ता के पास पैसे नहीं हैं या किसी और कारण से वह क्रेडिट पीरियड या उधार के सयम का लाभ उठाना चाहता है तो बैंक आयातकर्ता के लिए विदेश में मौजूद किसी बैंक को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग दे देता है। इसमें लिखा होता है कि आप अमुक निर्यातकर्ता को अमुक आयात के लिए तय पेमेंट कर दीजिए। व्यवसाई के लिए बैंक वादा करता है कि वो एक साल बाद इस तारीख को ब्याज के साथ बैंक द्वारा दिए पैसे चुका देगा। अगर पीएनबी ने विदेश के बैंक को एलओयू दिया है तो वो विदेशी बैंक पीएनबी की गारंटी पर निर्यातकर्ता को जितने पैसे पेमेंट करने को कहा गया है, वो कर देगा। एक साल बाद जो आयातकर्ता है, वो पीएनबी को पेमेंट देगा और फिर पीएनबी विदेशी बैंक को ब्याज समेत पैसा लौटा देगा।

मेहुल चोकसी
पीएनबी घोटाले में शामिल हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को 2018 में कानूनी रुप से भगोड़ा घोषित किया गया है। उसे 25 मई को डोमिनिका में गिरफ्तार किया गया है। एंटीगुआ से फरार होने के बाद वह डोमिनिका पहुंच गया था। वहां की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके डोमिनिका में पकड़े जाने के बाद एंटीगुआ के पीएम गैस्टन ब्राउनी ने कहा था कि भारतीय एजेंसियां चाहें तो उसे सीधा भारत डिपोर्ट किया जा सकता है। हालांकि चोकसी के वकीलों ने कहा था कि उसे एंटीगुआ की नागरिकता मिली हुई है, इसलिए उसे वहां रहने का अधिकार प्राप्त है।

ये है अड़चन
फिलहाल उसके प्रत्यर्पण का मामला कानूनी दांव-पेंच में फंस गया है। बताया जा रहा है कि उसके प्रत्यर्पण पर न्यायालय ने रोक लगा दी है। मेहुल चोकसी फिलहाल डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप अस्पताल में भर्ती है। पहले जेल और अब अस्पताल में उसकी चोट लगी हुई तस्वीरें सामने आई हैं। मामले की अगली सुनवाई 2 जून को होनी है। इस बीच डोमिनिका की ओर से भारत द्वारा एक प्राइवेट जेट भेजे जाने की खबर दी गई है। हालांकि भारत की ओर से इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

गर्ल फ्रेंड से मिलने जाते समय हुआ गिरफ्तार
एंटीगुआ की मीडिया रिपोर्ट्स में महत्वपूर्ण खुलासा हुआ है। दावा किया गया है कि चोकसी डोमिनिका में उस समय पकड़ा गया, जब वह अपनी गर्ल फ्रेंड बबारा जराबिका से मिलने डोमिनिका के होटल में जा रहा था।

कौन है बबारा जराबिका?
कैरिबियाई मीडिया के अनुसार बबारा जराबिका एक प्रोपर्टी इन्वेस्टमेंट सलाहकार है और उसने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमी से पढ़ाई की है। मेहुल चोकसी के पकड़े जाने के बाद से उसकी गर्ल फ्रेंड गायब बताई जा रही है। सोशल मीडिया से मिली जानाकारी के अनुसार उसे समुद्र में बड़े-बड़े जहाजों में यात्रा करने, क्रूज में ट्रेवल करने, महंगे होटलों में रुकने और हेलीकॉप्टर में सफर करने का शौक है।

2017 में एंटीगुआ ऐंड बारबुडा की ली नागरिकता
चोकसी ने वर्ष 2017 में एंटीगुआ ऐंड बारबुडा की नागरिकता ले ली थी। वह जनवरी 2018 में भारत से भाग गया था। उसके बाद ही इस घोटाले का खुलासा हुआ था। मामले की जांच सीबीआई और ईडी कर रही है।

परिवार
मेहुल चोकसी के परिवार में उसकी पत्नी प्रीति चोकसी और दो बेटियां व एक बेटा रोहन चोकसी है। बेटियों में एक का नाम प्रियंका है। उसकी 2010 में आकाश मेहता के साथ शादी हुई थी। आकाश आंटवर्प बेस्ड डायमंड मर्चेंट है। आंटवर्प बेल्जियम में एक नामी शहर है। चोकसी के एक भाई का नाम चेतन चिनुभाई चोकसी है।

नीरव मोदी
पीएनबी घोटाले का दूसरा आरोपी है नीरव मोदी। वह फिलहाल लंदन की जेल में बंद है और वह भारत प्रत्यर्पित किए जाने के खिलाफ मुकदमा लड़ रहा है। भगोड़े नीरव मोदी ने मई की शुरुआत में ब्रिटेन के उच्च न्यायालय में अपील कर निचली अदालत द्वारा किए गए प्रत्यर्पण आदेश के फैसले और गृह विभाग द्वारा दी गई उसकी मंजूरी को चुनौती देने की अनुमति मांगी है। इससे पहले यूनाइटेड किंगडम के गृह मंत्री ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। 14 हजार करोड़ रुपए के बैंक स्कैम मामले में उसे भारत लाया जाना है। उसके परिवार में उसकी पत्नी एमी मोदी और तीन बच्चे  हैं।

कानूनी शिकंजे से बचने के लिए लंदन में शरण
वह भारत में कानूनी शिकंजे से बचने के लिए काफी दिनों से लंदन में रह रहा है, लेकिन अब यूनाइटेड किंगडम द्वारा उसके प्रत्यर्पण की मंजूरी दे देने के बाद उसकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बुरे दिन शुरू
पीएनबी घोटले के मुख्य आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी के अच्छे दिन खत्म हो गए हैं। यूके के गृह मंत्री ने उसके भारत प्रत्यर्पण की मंजूरी दे दी है। इससे पहले 25 फरवरी को लंदन की अदालत ने उसकी याचिका को ठुकरा दिया था। कोर्ट ने उसके भारत प्रत्यर्पित किए जाने की मंजूरी दे दी थी।

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जज ने कही थी ये बात
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज सैमूअल गोजी ने कहा था कि यह साफ है कि नीरव मोदी को भारत में कई प्रश्नों के उत्तर देने हैं। जज ने यह भी कहा कि नीरव मोदी की ओर से दी गई दलील सबूतों के आधार पर सही नहीं है और इस इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि अगर नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित किया जाता है तो उनके सथ न्याय नहीं होगा। इसी के साथ कोर्ट ने मानसिक सेहत को लेकर लगाई गई याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि गवाहों को धमकाने की कोशिश की गई। कोर्ट ने भारत में जेलो की स्थिति को लेकर भी संतोष जताया था।

महत्वपूर्ण घटनाक्रम
1 जनवरी 2018 को नीरव मोदी ने देश छोड़ा
1 जनवरी 2018 को ही नीरव मोदी का भाई निश्चल मोदी(बेल्जियम का नागरिक) ने देश छोड़ा
4 जनवरी को मेहुल चोकसी(नीरव का मामा) ने देश छोड़ा
6 जनवरी 2018 को नीरव मोदी की पत्नी एमी (अमेरिकी नागरिक) ने देश छोड़ा
31 जनवरी को सीबीआई ने नीरव के खिलाफ केस दर्ज किया
31 जनवरी को सीबीआई ने सभी आरोपियों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया।

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