फोन टैपिंग मामलाः अगर रश्मि शुक्ला आरोपी नहीं हैं, तो न्यायालय का समय क्यों बर्बाद करें?

फोन टैंपिंग मामले में बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई पुलिस को वरिष्ठ आीईपीएस अधिकरी रश्मि शुक्ला को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है।

फोन टैपिंग मामले में सुनवाई के दौरान बॉम्बे उच्च न्यायालय में आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि इस मामले में पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में शुक्ला का नाम आरोपियों की सूची में नहीं है। इस पर न्यायालय ने कहा, “अगर शुक्ला पर आरोप नहीं लगाया गया है और आरोपित होने की संभावना नहीं है, तो कोर्ट का समय बर्बाद करने की कोई जरूरत नहीं है। हमें यह याचिका क्यों सुननी चाहिए?”

क्या रश्मि शुक्ला पर लगेगा आरोप?
इस मामले में राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील डी. खंबाटा ने न्यायालय को बताया कि अभी तक रश्मि शुक्ला पर आरोप नहीं लगे हैं। हालांकि, गोपनीय दस्तावेजों का खुलासा करने के लिए कौन जिम्मेदार है? राज्य सरकार इसकी जांच कर रही है। इस पर न्यायालय ने पूछते हुए कि क्या वह आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला पर फोन टैपिंग तथा पुलिस तबादलों और नियुक्तियों से संबंधित गोपनीय दस्तावेज लीक करने का आरोप लगाने के बारे में विचार कर रही है, मुंबई पुलिस को इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया। चूंकि इस मामले की जांच मार्च 2021 से चल रही है, इसलिए जांच में हुई प्रगति की जानकारी देने का भी निर्देश दिया। न्यायाधीश नितिन जामदार और न्यायाधीश सारंग कोतवाल की पीठ ने यह निर्देश दिया।

ये भी पढ़ेंः ठाणे में फिर दिखी फेरीवाले की दादागिरी! मनपा दस्ते के साथ किया ऐसा

रश्मि शुक्ला की मांग
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला ने मांग की है कि फोन टैपिंग मामले में दर्ज अपराध को खारिज किया जाना चाहिए और यह मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। भ्रष्टाचार के मामले में अनिल देशमुख की सीबीआई जांच कर रही है। इस स्थिति में इसकी अलग से जांच की कोई आवश्यकता नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here