योग का नाम,आतंक का काम? एनआईए के आरोप पत्र में उठा पीएफआई की देश विरोधी गतिविधियों पर से पर्दा

पीएफआई के देशविरोधी गतिविधियों का पर्दाफाश 2022 में चार जुलाई को तेलंगाना के निजामाबाद जिले में हुआ था।

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर एनआईए ने और शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने हैदराबाद के एक न्यायालय में पीएफआई के 11 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इन पर योग के नाम पर आतंकवादी प्रशिक्षण देने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए मुस्लिम युवकों को भर्ती करने का आरोप है।

पिछले दिनों केरल में सुरक्षा जांच एजेंसी ने पीएफआई के 58 ठिकानों पर छापेमारी की थी। एजेंसी के अधिकारियों ने दावा किया था कि आतंकी संगठन के कुछ नेता नाम बदलकर पीएफआई को खड़ा करने का षड्यंत्र कर रहे हैं। यह जानकारी मिलने के बाद एनआईए ने कार्रवाई की थी।

आरोप पत्र में दावा
एनआईए ने अपने आरोप पत्र में दावा किया है कि पीएफआई में भर्ती के बाद मुस्लिम युवकों को योग और शारीरिक शिक्षा के नाम पर आतंक का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। इन शिविरों से चाकू, दरांती और लोहे के रॉड जैसे हथियार बरामद किए गए हैं। इन शिविरों में मुस्लिम युवकों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्हें यहां शरीर के नाजुक अंगों जैसे गला, पेट और सिर पर हमला करने का प्रशिक्षण दिया जाता है।

इनके खिलाफ मामला दर्ज
पीएफआई के देशविरोधी गतिविधियों का पर्दाफाश 2022 में चार जुलाई को तेलंगाना के निजामाबाद जिले में हुआ था। उसके बाद 26 अगस्त को एनआईए द्वारा फिर से मामला दर्ज किया गया था। अब इन मामलों में शादुल्लाह, फिरोज खान, मोहम्मद उस्मान, सैयद याहिदा समीर, शेख इमरान, मोहम्मद अब्दुल मुबीन और मोहम्मद इरफान के खिलाफ कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here