नारायणपुर में धर्मांतरण के विरोध में एकजुट हुए आदिवासी, ऐसे किया विरोध

नारायणपुर जिले में आदिवासी समाज के लोगों को लालच देकर बड़े पैमाने पर धर्मांतरण कराने का मामला प्रकाश में आया है।

नारायणपुर जिले में धर्मांतरण के विरोध में सर्व आदिवासी समाज द्वारा 5 जनवरी को बस्तर संभाग बंद का आह्वान किया गया था। नारायणपुर जिले के व्यापारियों ने धर्मांतरण के विरोध में इस बंद के आह्वान को अपना पूर्ण समर्थन दिया। सुबह से ही अपनी प्रतिष्ठान बंद रखा, पूरे नगर भर में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बंद के आह्वान को देखते हुए बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। नारायणपुर एसपी सदानंद कुमार लगातार दिनभर के घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए थे।

कलेक्टर को दिया ज्ञापन
बंद का आह्वान सफल होने के पश्चात सर्व आदिवासी समाज का प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले के जिला मुख्यालय नारायणपुर से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत एड़का के आश्रित ग्राम गोर्रा में मूल जनजातीय संस्कृति मानने वाले ग्रामीणों पर नव धर्मांतरित इसाइयों के समूह ने इसाई पादरी के नेतृत्व में प्राणघातक हमला किया। इस दौरान इसाइयों ने लाठी-डंडों एवं धारदार हथियारों का प्रयोग कर मूल जनजातीय संस्कृति के लोगों के हत्या का प्रयास किया। इसाइयों के इस जानलेवा हमले के बाद घायल अवस्था में ही पीड़ित जनजातियों को घटना स्थल छोड़कर भागना पड़ा, जिसके बाद उनका जिला चिकित्सालय में उपचार किया गया।

कानून-व्यवस्था को खतरा
ज्ञापन में कहा गया कि नव धर्मांतरित इसाइयों के द्वारा बस्तर संभाग के लगभग सभी जिलों में बीते कुछ समय से कुछ ऐसी अनैतिक एवं हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र की कानून व्यवस्था एवं शांति बिगड़ सकती है। समाज के बिगड़ते ताने-बाने एवं अव्यवस्थित होती कानून-व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी चूंकि प्रशासन की है। अत: हमारी मांग है कि क्षेत्र में बढ़ती धर्मांतरण की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।

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