आतंकियों के निशाने पर मुंबई! स्टेट टेररिस्ट स्क्वाड को भनक तक नहीं

एटीएस के मुंबई में कालाचौकी, नागपाड़ा, जुहू, कुरार और विक्रोली में कार्यालय हैं। इनमें अधिकारियों के लिए 50 और कांस्टेबलों के लिए 50 रिक्तियां हैं।

दिल्ली पुलिस के एक विशेष दस्ते ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी साजिश के एक मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। उसने दिल्ली, यूपी और मुंबई से कुल छह आतंकियो को गिरफ्तार किया है। उनमें से जान मोहम्मद शेख मुंबई के धारावी इलाके का रहने वाला है और पहले से वह ही डी-गैंग के संपर्क में था। दिल्ली पुलिस ने उसे राजकोट में गिरफ्तार किया।

जान मोहम्मद की गिरफ्तारी के बाद मुंबई पुलिस को बिना बताए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने धारावी में उसके घर पर छापा मारा। ऐसे में स्टेट टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की क्षमता सवालों के घेरे में है। इसका कारण यह भी है कि मामले में कई सनसनीखेज जानकारी सामने आ रही है। स्टेट एटीएस में करीब 100 पद खाली हैं। ऐसे में सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या मानपावर की कमी के कारण एटीएएस की क्षमता में कमी आ गई है?

एसीपी के 5 पद खाली
एटीएस के मुंबई में कालाचौकी, नागपाड़ा, जुहू, कुरार और विक्रोली में कार्यालय हैं। इनमें अधिकारियों के लिए 50 और कांस्टेबलों के लिए 50 रिक्तियां हैं। उल्लेखनीय है कि इस टीम के लिए सहायक पुलिस आयुक्त के 5 पद स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन इनमें से एक भी नहीं भरा गया है।

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बड़ी जिम्मेदारी
फिलहाल इस विभाग की जिम्मेदारी बढ़ गई है। आतंकवाद मुंबई के लिए हमेशा से बड़ा खतरा रहा है। इस स्थिति में एटीएस को कार्यकुशल होना जरुरी है। आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से सतर्क रहने तथा संवेदनशील सूचना प्राप्त करने के लिए भी एटीएस को सशक्त होना आवश्यक है। सुरक्षा और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने की उसकी बड़ी जिम्मेदारी है। नहीं तो, जान मोहम्मद जैसे आतंकी मुंबई में आराम से रह सकते हैं और आतंकवाद की ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान जा सकते हैं। एटीएस को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार की भी जिम्मेदारी है कि वह महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारी-कर्मचारी जल्द से जल्द नियुक्त करे।

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