म्यांमार में हिंसा के बाद कितने लाख लोग हुए विस्थापित? संयुक्त राष्ट्र ने किया यह दावा

म्यांमार की सेना ने पिछले साल फरवरी में आंग सान सूची की निर्वाचित सरकार से सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।

संघर्ष प्रभावित म्यांमार में अब तक आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की संख्या पहली बार 10 लाख से पार हो गई है। इनमें से आधे से अधिक लोगों को पिछले साल सैन्य नियंत्रण के बाद अपने घर छोडऩे पड़े। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र मानवीय राहत एजेंसी ने दी है।

मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि देश में पहले से ही गंभीर स्थिति है, जो सैन्य सरकार और उसके विरोधियों के बीच जारी संघर्ष तथा आवश्यक वस्तुओं के दाम बढऩे से खराब हो रही है। रिपोर्ट में 26 मई तक के हालात का उल्लेख है। सेना ने उन क्षेत्रों तक स्वतंत्र पहुंच को बाधित किया है, जो उसके नियंत्रण में नहीं है। इससे सहायता के प्रयासों में अड़चन आ रही है।

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म्यांमार की सेना ने पिछले साल फरवरी में आंग सान सूची की निर्वाचित सरकार से सत्ता अपने हाथ में ले ली थी। इसके बाद शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हो गए। रिपोर्ट के अनुसार सैन्य हस्तांतरण के बाद से 6,94,300 से अधिक लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं। इनमें से हजारों लोग दूसरी या तीसरी बार विस्थापित हो रहे हैं। करीब 3,46,000 लोग पिछले साल सेना द्वारा सत्ता पर काबिज होने से पहले संघर्ष के दौरान विस्थापित हो गए थे।

रिपोर्ट यह भी कहती है कि सेना के हाथ में सत्ता आने के बाद से करीब 40,200 लोग पड़ोसी देशों में चले गए हैं और 12,700 से अधिक नागरिक संपत्तियां तबाह हो जाने का अनुमान हैं जिनमें घर, चर्च, मठ और स्कूल हैं।

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