रांची में पटरी पर लौटी जिंदगी, इंटरनेट सेवा भी बहाल

पुलिस और प्रशासन के कदमों को स्थानीय लोगों की भी मदद मिल रही है। शहर में अभी भी निषेधाज्ञा लागू है।

झारखंड की राजधानी रांची में दहशत के बाद 12 जून सुबह जिंदगी पटरी पर लौट आई। स्थिति के नियंत्रण में आते ही सुबह चार बजे 33 घंटे बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। हालांकि धारा 144 लागू है। उपद्रवियों की पहचान की कर कार्रवाई की जा रही है। लोउर बाजार थाना, हिंदपीढ़ी थाना और डेली मार्केट थाना में 20 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। मेनरोड से हिंदपीढ़ी के बीच अभी भी पुलिस बल तैनात है।

शहर में अभी भी निषेधाज्ञा लागू
सुबह लोग रोजमर्रा के कामकाज के लिए सड़कों पर दिखे। सड़क के किनारे सब्जी और मछली की दुकानें खुलीं। हालांकि प्रशासन सजग है। चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात है। संवेदशील इलाकों में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस और प्रशासन के कदमों को स्थानीय लोगों की भी मदद मिल रही है। शहर में अभी भी निषेधाज्ञा लागू है।

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चर्च कमेटी ने लिया यह निर्णय
वर्तमान स्थिति को देखते हुए चर्च कमेटी ने रविवारीय प्रार्थना गिरजाघरों में नहीं करने का निर्णय लिया है। श्रद्धालु घर से ही रविवारीय आराधना करेंगे। स्थानीय प्रबुद्ध लोग भी हर हाल में शांति बहाल करने के लिए प्रयासरत हैं। उल्लेखनीय है कि नुपुर शर्मा के बयान से आक्रोशित मुस्लिम समाज के लोगों ने 10 जून को हिंसक प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ उपद्रवियों ने पथराव किया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। इस दौरान उपद्रवियों ने भी गोलीबारी की। इस गोलीबारी में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और एक दर्जन से अधिक घायल हुए हैं। इसके बाद 10 जून शाम प्रशासन ने रांची में इंटरनेट सेवा पर अस्थाई रोक लगा दी थी।

अज्ञात लोगों को बनाया आरोपी 
इस बीच पुलिस ने नौ प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें 20 लोगों को नामजद करते हुए 10 हजार से अधिक अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने घटना की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कमेटी में आपदा प्रबंधन सचिव अमिताभ कौशल और एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर शामिल हैं। कमेटी सप्ताह में रिपोर्ट देगी।

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