दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन का जेल वास कायम

दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मनी लांड्रिंग के मामले के आरोपित और दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन की न्यायिक हिरासत 27 अगस्त तक बढ़ा दी है। 27 अगस्त को सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर भी सुनवाई होगी।

मंगलवार को सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट इस मामले के सह-आरोपितों वैभव जैन और अंकुश जैन की जमानत याचिका पर भी 27 अगस्त को ही सुनवाई करेगा। मंगलवार को ही कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की पत्नी पूनम जैन को नियमित जमानत दी है। स्पेशल जज गीतांजलि गोयल ने पूनम जैन को एक लाख रुपये के मुचलके पर नियमित जमानत देने का आदेश दिया। इसके पहले 6 अगस्त को कोर्ट ने पूनम जैन को अंतरिम जमानत दी थी।

ईडी को फटकार
29 जुलाई को कोर्ट ने ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। 29 जुलाई को कोर्ट ने इस मामले के आरोपित अजीत प्रसाद और सुनील कुमार जैन को अंतरिम जमानत दी थी। चार्जशीट पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि ईडी जिन तीन कंपनियों का नाम ले रही है, उस कंपनी के सत्येंद्र जैन डायरेक्टर ही नहीं हैं तो आपने उन्हें आरोपित कैसे बनाया। कोर्ट ने ईडी से पूछा था कि क्या ईडी इस तरीके से काम करती है। कोर्ट ने कहा था कि फोटो कॉपी को वैध साक्ष्य नहीं माना जा सकता है।

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27 जुलाई को ईडी ने सत्येंद्र जैन समेत छह आरोपितों और चार कंपनियों को आरोपित बनाया है। ईडी ने चार्जशीट में जिनको आरोपी बनाया है, उनमें सत्येंद्र जैन, सत्येंद्र जैन की पत्नी पूनम जैन, सत्येंद्र जैन के करीबी वैभव जैन, अंकुश जैन, सुनील कुमार जैन, अजित कुमार जैन के अलावा अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, प्रयास इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड और जेजे आइडियल नामक कंपनियों के नाम हैं। इस मामले में सत्येंद्र जैन, वैभव जैन और अंकुश जैन पहले से न्यायिक हिरासत में हैं। इस मामले में सत्येंद्र जैन को 30 मई को और वैभव जैन तथा अंकुश जैन को 01 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

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