इजरायल का दावा! इस्लामिक जिहाद का ‘अबू’ हवा हो गया… जानें इजरायल की कार्रवाइयों पर क्या-क्या हुआ?

इजरायल और फिलिस्तीन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर विश्व के देशों की अलग-अलग राय है। इसमें भारत समेत कई देश इजरायल के समर्थन में खड़े हैं, तो बड़ी संख्या में देश इस युद्ध को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर युनाइटेड नेशन जनरल असेंबली द्वारा साझा बयान जारी करने की बात भी हो रही है।

इजरायल की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार उसने सीनियर इस्लामिक जिहाद कमांडर हुसैन अबू हरबीद को मार गिराया है। वह गाजा पट्टी में इजरायल द्वारा किये गए हवाई हमले में मारा गया है। हरबीद आतंकवादी समूह का उत्तरी गाजा डिवीजन का कमांडर था।

इजरायली सेना की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि उनके नागरिकों पर गत पंद्रह वर्षों से हमला करवानेवाला आतंकी मारा जा चुका है। उस पर आरोप है कि उसी ने पिछले सप्ताह एंटी टैंक मिसाइल से फायर किया था जिसमें इजरायल का एक नागरिक घायल हो गया था।

ये भी पढ़ें – बंगाल में जो हुआ वो कश्मीर पार्ट टू है – पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

हमास का कार्यालय ध्वस्त
इस बीच इजरायली डिफेन्स फोर्सेस ने एक वीडियो जारी किया है। जिसमें एक बहुमंजिला इमारत को इजरायली सेना ने ध्वस्त कर दिया है। यह हमास इंटर्नल सिक्योरिटी फोर्सेस का मुख्य ऑपरेशन सेंटर था। यह हमास के टेरर इन्फ्रास्ट्रक्चर का केंदीय भाग था। इजरायली डिफेन्स फोर्सेस ने इस बारे में कहा है कि उसने इमारत को खाली करने के लिए चेतावनी दे दी थी।

हुई पुष्टि
इस्लाममिक जिहाद संगठन ने इस खबर की पुष्टि की है अबू हरबीद मारा गया है। उसने अबू हरबीद को शहीद बताते हुआ उसे आदर्श नेता बताया है। इस्लामिक जिहाद गाजा पट्टी में हमास के क्षेत्र से लगे हुए भूभाग में मिलकर कार्य करता है। फिलिस्तीनी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अबू हरबीद को बेट लहिया के उसके घर के पास मार गिराया गया है।

ये भी पढ़ें – भयानकः जब ताऊ ते मुंबई पहुंचा यार तो मौसम विभाग का रडार हो गया बीमार!

संयुक्त राष्ट्र में अगले सप्ताह चर्चा
संयुक्त राष्ट्र संघ में इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध पर अगले सप्ताह साझा बयान जारी हो सकता है। बाइडेन प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को इजरायल फिलिस्तीन संघर्ष पर तीसरी बार साझा बयान जारी करने से रोक दिया है।

अमेरिकी प्रशासन ने इजरायल को सटीक निर्देशित हथियारों की बिक्री को मंजूरी कर दी है। इसके अंतर्गत 735 मीलियन डॉलर के हथियारों की आपूर्ति की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here