आईएसआई के दो एजेंट सरेआम ढेर, भारतीय हिंदुओं की हत्या के थे षड्ंयत्रकारी!

आईएसआई हमेशा से ही आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का कार्य करती रही है। इसमें वित्त पोषण, प्रशिक्षण और हथियार देने का कार्य भी है। मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले हो या भारतीय पार्लियामेंट में आतंकी हमला, इनमें इस एजेंसी की संलिप्तता के बड़े प्रमाण भारत के पास हैं, जिसे पाकिस्तान को सौंपा गया है।

जम्मू कश्मीर में डांगरी नरसंहार की आग अभी शांत नहीं हुई है, इसके पहले ही हिंदुओं के दो अपराधियों को पाकिस्तान में ढेर कर दिया गया। यह कार्य सरेआम हुआ है, जो आतंकी एजेंसी ‘इंटर सर्विसेज इन्टेलिजेन्स’ के गुप्तचर के रूप में कार्य कर रहे थे।

मुल्तान रीजन में इंटर सर्विसेज इन्टेलिजेन्स (आईएसआई) के निदेशक नावीद सादिक और नासिर अब्बास, खानेवाल जिले के पिरोवाल क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक होटल पर रुके हुए थे। वहां चाय पीने के बाद पार्किंग लॉट में दोनों गए, जहां उन पर अंधाधुंध फायरिंग हो गई और दोनों जगह पर ढेर हो गए। इसके बाद हमला करनेवाले मोटर साइकिल पर सवार होकर फरार हो गए। इस फायरिंग में मारे गए दोनों एजेट आईएसआई निदेशक नावीद सादिक और इंस्पेक्टर नासिर बट्ट की वीडियो वायरल हुआ है।

भारत के विरुद्ध षड्यंत्र
फायरिंग में ढेर आईएसआई का गुप्तचर नावीद सादिक भारत के विरुद्ध षड्यंत्रों में शामिल रहा है। भारत के विरुद्ध आतंकी गतिविधियों के कारण नावीद सादिक को पाकिस्तान सरकार ने वर्ष 2021 में सितारा ए शुजात नामक पुरस्कार से सम्मानित किया था। वर्तमान समय में कश्मीर में हिंदुओं पर हो रहे हमले में नावीद सादिक की भूमिका मानी जा रही है, इसकी एक परिणति डांगरी नरसंहार है, जिसमें छह निरपराध हिंदुओं की आतंकियों ने हत्या कर दी।

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आईएसआई को बड़ा झटका
नावीद सादिक आईएसआई का बड़ा मोहरा था। वह भारत विरोधी गतिविधियों में पूरी सक्रियता से लगा हुआ था। वर्तमान में उसका टार्गेट घाटी के हिंदू थे। उसकी हत्या को लेकर पाकिस्तान की पुलिस और आईएसआई मान रही है कि, इसमें अल कायदा का हाथ हो सकता है। लेकिन इस कार्य के पीछे आईएसआई का हथकंडा ही अपनाया गया है, जिसमें पाकिस्तानी भूमि पर ही उसके अधिकारी को ठोंक दिया गया।

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