ईरान की खिलाड़ी को बिना हिजाब पहने चेस खेलना पड़ा महंगा, जारी किया गया ऐसा फरमान

ईरान में सितंबर 2022 से ही हिजाब के विरोध में प्रदर्शन जारी है। ये प्रदर्शन 22 वर्षीय महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद शुरू हुआ है।

ईरान की महिला चेस प्लेयर को बिना हिजाब के मैच खेलना भारी पड़ रहा है। उसे देश में वापस न आने का आदेश जारी किया गया है। सारा खादेम नाम की इस खिलाड़ी ने ईरान में हिजाब के हो रहे विरोध के बीच कजाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिजाब पहने बिना ही मुकाबले में हिस्सा लिया था। अब इसके लिए उसे ईरान वापस न आने की धमकियां मिल रही हैं। फिलहाल सारा खादेम स्पेन पहुंची है।

ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य है। इसके बाद भी सारा खादेम ने हाल ही में अल्माटी मे फिडे वर्ल्ड रैपिड एंड ब्लिट्ज चेस चैंपियनशिप में हिजाब के बिना हिस्सा लिया। खादेम विश्व में चेस प्लेयर में 804 वें रैंक पर है।

जान से मारने की धमकियां
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सारा को फोन पर कई धमकियां मिली हैं। फोन पर उसे कहा गया कि अगर वह ईरान लौटी तो वे उसकी समस्या का समाधान कर देंगे। सारा के साथ ही उसके रिश्तेदारों को भी धमकियां दी जा रही हैं। फिलहाल सारा खादेम स्पेन में है और उसके कमरे के बाहर एक गार्ड तैनात किया गया है।

ईरान में हिजाब का विरोध
ईरान में सितंबर 2022 से ही हिजाब के विरोध में प्रदर्शन जारी है। ये प्रदर्शन 22 वर्षीय महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद शुरू हुआ है। पुलिस ने उसे ठीक से हिजाब नहीं पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

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