महाराष्ट्रः ठाकरे राज में खतरे में हिंदुत्व!

भाजपा विधायक नितेश राणे ने गणेशोत्व को लेकर प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इन तीन पार्टियों की सरकार के कार्यकाल में हिंदुत्व खतरे में है। हिंदुस्थान पोस्ट के विशेष कार्यक्रम ऑफबीट नितेश राणे में वे संपादक स्वप्निल सावरकर और सलाहकार संपादक मंजिरी मराठे द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दे रहे थे।

भारतीय जनता पार्टी विधायक नितेश राणे ने कहा है कि महाराष्ट्र में हिंदुत्व खतरे में है। उन्होंने गणेशोत्व को लेकर प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इन तीन पार्टियों की सरकार के कार्यकाल में हिंदुत्व खतरे में है। हिंदुस्थान पोस्ट के विशेष कार्यक्रम ऑफबीट नितेश राणे में वे संपादक स्वप्निल सावरकर और सलाहकार संपादक मंजिरी मराठे द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब दे रहे थे।

गणेशोत्सव पर प्रतिबंध को लेकर उद्धव सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि इस सरकार में तीनों पार्टियां सेक्युलर हैं। इस स्थिति में हिंदुत्व की रक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती।

सरकार पर शंका
नितेश राणे ने गणेशोत्व को लेकर सरकार द्वारा जारी सर्कुलर पर नाराजगी जताते हुए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। उन्होंने हिंदुस्थान पोस्ट के इस साक्षात्कार में कहा कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ सालों में हिंदू समाज और हिंदुत्व को लेकर जो चल रहा है, उससे शंका होती है। एक बार की गई गलती दोबारा करने का मतलब है कि आप अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

बंगाल की राह पर महाराष्ट्र
नितेश राणे ने कहा कि पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा पर लागू किया गया प्रतिबंध और हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार की छाया आज महाराष्ट्र में दिख रही है। महाराष्ट्र में हिंदू और हिंदुत्व खतरे में है। पश्चिम बंगाल में जिस तरह हिंदुत्व खतरे में है, अगर हम कहें कि उसी तरह महाराष्ट्र में भी हिंदुत्व खतरे में है तो गलत नहीं होगा। राणे ने सवाल दागते हुए पूछा कि  हिंदुओं के त्योहारों पर प्रतिबंध लगाए जाते हैं तो अन्य धर्मों के त्योहारों पर क्यों नहीं ? दूसरे धर्म के लोगों को क्या ऐसा कहा जाता है कि आप राज्यपाल के पास जाओ। क्या बकरीद के समय ऐसा कहा गया कि बकरा सिर्फ ऑनलाइन काटो? मेरा मानना है कि जिस तरह बंगाल में दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध लगाया गया, वैसा यहां नहीं होना चाहिए।

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बकरीद पर रोक क्यों नहीं?
नितेश राणे ने कहा कि छह इंच की गणेश मूर्ति घरों में स्थापति करने की अनुमति देना और फिर विसर्जन के लिए बीएमसी कर्मचारी घर में आएंगे, वे विसर्जन करेंगे, ये सब क्या है?  आप बकरीद हो, या पारसी धर्म का त्योहार हो, जैसी उन्हें प्रतिबंध में ढील देते हो, वैसी ढील हिंदुओं के त्योहारों में भी दो। राणे ने सवाल दागते हुए कहा कि हिंदुओं के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है, दूसरों को जब आप नहीं रोकते हो, तो हिंदुओं को क्यों रोक रहे हो? राणे ने कहा कि मुंबई जैसे शहर में यह सरकार भेदभाव कर रही है। भविष्य में मुंबई अगर कोलकाता की तरह नहीं हुई तो मुझे आश्चर्य होगा।

बालासाहब के पुत्र के सीएम रहते हिंदुओं पर अन्याय
भाजपा विधायक ने कहा कि 1993 में मुंबई में सीरियल बम ब्लास्ट के बाद कहा जाता है कि बालासाहब ठाकरे ने मुंबई को बचाया। आज बालासाहब के पुत्र के मुख्यमंत्री रहने के बाद भी मुंबई में हिंदुओं की स्थिति ऐसी है। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे कई उदाहरण दे सकता हूं। मलाड मालवणी से लोगों को जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। गणेशोत्सव नहीं मनाने दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुझे तो यह भी पता चला है कि वहां साइकिल पर जो पाव ले जाते हैं, उसमें एके 47 जैसे हथियार रहते हैं। मुंबई के उपनगर में जब इस तरह की बातें हो रही हैं, तो संदेह होता है कि जिस तरह से बंगाल में हिंदुओं पर अत्याचार और अन्याय हो रहा है, उसी तरह अगर मुंबई में होने लगा तो उसे कौन रोकेगा? वे तो सब सेक्युलर हो गए हैं।

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हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार
शिवसेना का दावा है कि उसने हिंदुत्व नहीं छोड़ा है, यह सवाल पूछने पर राणे ने कहा कि उनके व्यवहार में तो ऐसा कुछ नहीं दिखता। तो फिर हिंदू त्योहारों पर प्रतिबंध क्यों लगाया जा रहा है?  हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचार उनको दिखता नहीं है। नितेश राणे ने कहा कि  मालवणी में जो चल रहा है, मुंबई के कई दूसरे भागों में जो चल चल रहा है,उसे क्यों नहीं रोका जा रहा है?

आरती पर भी रोक
राणे ने कहा कि सरकार के जीआर के अनुसार गणेशोत्सव के दौरान आरती नहीं कर सकते। क्या आरती से ध्वनि प्रदूषण होता है? ठीक है, हम लाउड स्पीकर नहीं लगाते हैं, लेकिन लाउडस्पीकर क्या केवल हम ही लगाते हैं? दूसरे लोग लाउड स्पीकर लगाते हैं उनका क्या? ये सब चल रहा है और सरकार कुछ नहीं करती तो हमें संदेह होता है, इसलिए हम राज्यपाल के पास गए थे। नितेश राणे ने कहा कि हैदराबाद में जब 40 फीट की ऊंची मूर्ति स्थापित हो सकती है तो लालबाग में बड़ी मूर्ति क्यों नहीं स्थापित की जा सकती है? उन्होंने कहा कि जो होर्डिंग लगाते हैं, वे गणेश मंडलों के आर्थिक उत्पन्न के स्रोत होते हैं। उनपर भी रोक लगा दी गई है। होर्डिंग नहीं लगाएंगे तो पैसे नहीं आएंगे, पैसे नहीं आएंगे तो वे गणेशोत्सव को बंद कर देंगे।

दही हांडी पर लगा दी रोक
जूनियर राणे ने कहा कि आज दही हांडी का क्या हुआ?  कोई दही हांडी लगाने की हिम्मत नहीं करता है।  ये सब चल रहा है, इस बारे में हमने राज्यपाल से मुलाकात कर उन्हें जानकारी दी। होर्डिंग लगाने से कोरोना फैलता है, ये कौन-सा डॉक्टर कहता है?

 सरकार पर साधा निशाना
नितेश राणे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर 27 जुलाई को होर्डिंग लगाया गया, तब कोरोना नहीं फैला। जो कोलकाता में हो रहा है, वो मुंबई में नहीं होगा,  इसकी गारंटी तीन पार्टी की ये सरकार कैसे देगी? हाल ही में इलेक्ट्रिक बस का उद्घाटन हुआ, उससे पहले मुख्यमंत्री ने मेट्रो के कार्यक्रम का उद्घाटन किया, वहां कितने लोग आए थे? कोरोना के नियमों का कितना पालन हुआ? इसका जवाब इस सरकार के पास नहीं है। फिर गणेशोत्सव पर क्यों प्रतिबंध लगाया जा रहा है?

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