न्यायाधीश ही बोले, सीबीआई पर भरोसा नहीं

किसी भी मामले में कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसा लगता है जैसे नोबेल चोरी की जांच जैसे सीबीआई को देने का कोई लाभ नहीं हुआ वैसा ही हाल होने वाला है।

पश्चिम बंगाल में स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के जरिए शिक्षकों की भर्ती में हुई बड़े पैमाने पर धांधली के आठ मामलों में धड़ाधड़ सीबीआई जांच के आदेश देनेवाले कलकत्ता उच्च न्यायालय के बहुचर्चित न्यायाधीश अभिजीत गांगुली ने 14 जून को चौंकाने वाले बयान दिया है। शिक्षक नियुक्ति मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के खिलाफ चल रही जांच संबंधी सुनवाई 14 जून को उनकी एकल पीठ में हो रही थी। यहां पार्थ की ओर से अधिवक्ता और तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी कोर्ट में पक्ष रख रहे थे।

इसी दौरान न्यायाधीश गांगुली ने कहा कि मैंने नवंबर महीने में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। कल भी एक आदेश दिया हूं और कितना आदेश दूंगा? एक दर्जन दो दर्जन तीन दर्जन! लगातार सीबीआई जांच का आदेश देकर मैं खुद ही परेशान हो गया हूं। किसी भी मामले में कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसा लगता है जैसे नोबेल चोरी की जांच जैसे सीबीआई को देने का कोई लाभ नहीं हुआ वैसा ही हाल होने वाला है। इनसे तो अच्छा राज्य सरकार की एसआईटी थी। इसके बाद अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने कहा कि पार्थ चटर्जी अच्छे व्यक्ति हैं। उनका भ्रष्टाचार से कोई लेना-देना नहीं है।

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इस पर न्यायाधीश ने कहा कि मैं जानता हूं कि भ्रष्टाचार के पीछे वह नहीं हैं। अच्छे आदमी हैं। इसके पीछे कोई और है। पार्थ को तो केवल खाना-खाना अच्छा लगता है। मैंने कभी उनके बारे में कुछ भी बुरा नहीं कहा है। अगर कुछ कहा हूं तो मैं अपना शब्द वापस लेने के लिए तैयार हूं। पता नहीं मुख्यमंत्री के पास मेरी बातें पहुंची है या नहीं। मीडिया वाले मेरी फोटो छाप रहे हैं लेकिन मैं यह सब कुछ सिर्फ इसलिए कर रहा हूं ताकि बेरोजगारों को रोजगार मिले और नियुक्ति प्रक्रिया स्वच्छ हो।

उन्होंने कहा कि न्याय प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा टूटता जा रहा है। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं कोर्ट में मुकदमों की लाइन लगी हुई है। इस पर न्यायमूर्ति गांगुली ने कहा कि हाईकोर्ट में और तीन से चार न्यायाधीश आ जाएं तो बैठने की जगह नहीं है। अभी भी सर्विस न्यायाधीश की नियुक्ति पेंडिंग है। हाई कोर्ट में भी बहुत अच्छे लोग हैं लेकिन उन्हें काम पर नहीं लगाया जा रहा है। इस पर अधिवक्ता ने कहा कि आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। सीबीआई किसी काम की नहीं है। देखिए सारदा-नारदा मामले की जांच कब से हो रही है लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस पर न्यायाधीश ने कहा कि बिल्कुल ठीक कह रहे हैं। मुझे अब उम्मीद नहीं रह गई है।

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