‘पठान’ फिल्म को लेकर गुस्से में संत, की ये मांग

अभिनेता शाहरुख खान और अभिनत्री दीपिका पादुकोण की फिल्म पठान को लेकर संतों ने भी गुस्से का इजहार किया है।

पठान फिल्म को लेकर संत समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। संताें ने एक स्वर में पठान फिल्म का बहिष्कार करने की मांग की है और फिल्म के अभिनेता, निर्माता निर्देशक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की अपील की है।

हनुमंत धाम के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी नवल किशोर दास महाराज ने कहा है कि सनातन धर्म अजर अमर अविनाशी है जिसे कोई मिटा नहीं सकता लेकिन सनातन धर्म पर कुठाराघात करने वाले लोग अवश्य ही मिट जाते हैं। वर्षों से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति पर कुठाराघात कर इसे समाप्त करने की कोशिश की गई है। लेकिन सबसे प्राचीन सनातन संस्कृति अनादि काल से संपूर्ण विश्व का मार्गदर्शन करती चली आ रही है।

भारत माता पुरम में स्थित श्री हनुमंत धाम में आयोजित संत समागम में महामंडलेश्वर स्वामी नवल किशोर दास महाराज ने कहा कि फिल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सनातन धर्म का मजाक उड़ाना बंद होना चाहिए। अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब ऐसे फिल्म निर्माताओं के खिलाफ लोग आक्रोशित होकर कड़े कदम उठाने को मजबूर होंगे। सेंसर बोर्ड को ऐसी फिल्मों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उन्हें प्रदर्शित करने से रोकना चाहिए। सनातन धर्म पर कुठाराघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संपूर्ण संत समाज एवं हिंदू समाज पठान फिल्म की घोर निंदा करता है।

महंत रघुवीर दास एवं महंत गोविंद दास महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार एवं राज्य सरकारों को ऐसी फिल्मों के प्रदर्शन पर कठोर निर्णय लेते हुए रोक लगानी चाहिए और निर्देशक एवं निर्माता के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

इन संतों ने भी की फिल्म के बहिष्कार की मांग
महा मनीषी निरंजन स्वामी स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत प्रेमदास महाराज, स्वामी शिवानंद स्वामी ज्ञानानंद शास्त्री, स्वामी रवि देव शास्त्री, स्वामी हरिहरानंद, महंत दिनेश दास, महंत सूरज दास, महंत अरुण दास, महंत लोकेश दास, स्वामी ऋषि रामकृष्ण, महामंडलेश्वर स्वामी ललित आनंद गिरी, महंत प्रह्लाद दास, स्वामी रामानंद, सरस्वती महंत गुरमीत सिंह, महंत श्याम प्रकाश, सहित संपूर्ण संत समाज ने पठान फिल्म का विरोध कर समाज से उसके बहिष्कार की अपील की।

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