इस मामले में फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को मिली राहत!

मुरादाबाद जिले के शिवपुरी निवासी इवेंट मैनेजर प्रमोद शर्मा ने 22 फरवरी 2019 को कटघर थाने में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, अभिषेक सिन्हा, एडगर साकिया, मालविका पंजाबी और घुमिल ठक्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

धोखाधड़ी मामले में फिल्म अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा को अदालत से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने अभिनेत्री को जारी जमानती वारंट में स्टे दिया है। मुरादाबाद में मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर उच्च न्यायालय ने फिलहाल राहत दी है। वहीं केस में अन्य आरोपित इवेंट मैनेजर अभिषेक आदि के खिलाफ जमानती वारंट जारी रहेगा। हाईकोर्ट में केस की सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में होगी।

यह है मामला
मुरादाबाद जिले के शिवपुरी निवासी इवेंट मैनेजर प्रमोद शर्मा ने 22 फरवरी 2019 को कटघर थाने में अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, अभिषेक सिन्हा, एडगर साकिया, मालविका पंजाबी और घुमिल ठक्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि वादी ने दिल्ली में आयोजित एक अवार्ड शो में सोनाक्षी सिन्हा को बुलाने के लिए अनुबंध किया था। उन्होंने सारी रकम अदा कर दी थी, लेकिन वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं। प्रमोद शर्मा के मुताबिक उन्होंने सारा भुगतान एक्सीड एंटरटेनमेंट के मालिक अभिषेक सिन्हा के जरिए सोनाक्षी सिन्हा को किया था। कुल 29.92 लाख रुपये का पेमेंट किश्तों में किया गया था, लेकिन अभिनेत्री सोनाक्षी इस कार्यक्रम में नहीं आईं थीं। मामले में प्रमोद शर्मा ने अदालत की शरण ली थी। अदालत ने मुरादाबाद के कटघर थाना पुलिस को सोनाक्षी सिन्हा और उनके साथियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।

इस तरह चली कार्रवाई
आरोपितों के खिलाफ 20 मई 2020 को चार्जशीट अदालत में दाखिल कर दी गई थी। पुलिस को चार्जशीट दाखिल करने में लगभग 455 दिन लग गए थे। वहीं अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और अन्य लोगों ने हाई कोर्ट की शरण ली, जो लंबित है। सोनाक्षी सिन्हा और अन्य आरोपितों को जिले के सीजेएम कोर्ट ने पेश होने के लिए कई बार नोटिस जारी किया, लेकिन वह और उनके साथी पेश नहीं हुए। इसके चलते अदालत ने सोनाक्षी और अन्य लोगों के खिलाफ वारंट जारी किया था। जिसके बाद वारंट को लेकर मुंबई में भी हल्ला मचा। सोशल मीडिया के जरिए अभिनेत्री ने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। इस बीच इस आदेश के खिलाफ अभिनेत्री की ओर से हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के अधिवक्ता आदर्श भूषण व सुशांत की ओर से स्टे के लिए याचिका दायर की गई।

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