ऐसे हुई वसूली… ईडी ने खोला ‘देशमुख’ के सौ करोड़ का राज

प्रवर्तन निदेेशालय ने अनिल देशमुख के दोनों सहायकों को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था। एजेंसी ने न्यायालय में वसूली के कई चौंकानेवाले दावे किये।

प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के दो सहायकों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस दौरान केंद्रीय एजेंसी के वकील ने मुंबई पुलिस के बर्खास्त सहायक पुलिस निरिक्षक सचिन वाझे से तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख वाया संजीव पलांडे का वसूली रूट बताया।

प्रवर्तन निदेशालय के विशेष न्यायालय में सुनवाई के दौरान एजेंसी के वकील सुनील गोन्सालविस ने बताया कि धन उगाही के कार्य का विभाजन किया गया था। मुंबई पुलिस दल के अलग-अलग जोन के अनुसार एक चैनल का निर्माण किया गया था। यह धन सचिन वाझे के माध्यम से कुंदन शिंदे के पास जाता था। इसका हिसाब-किताब संजीव पालांडे रखता था। वकील ने आशंका जताई कि अधिकारियों के स्थानांतरण में भी पैसे लिये गए होंगे।

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वसूली स्वीकार की
अनिल देशमुख के निजी सचिव संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे ने बार मालिकों से करोड़ो रुपए वसूले। जिन बार मालिकों से पैसे वसूले गए थे, उनका बयान दर्ज किया गया है। बार मालिकों ने बताया कि यह पैसे उन्होंने सचिन वाझे को दिये थे।

वाझे ने खोला राज का पिटारा
धन उगाही के संदर्भ में सचिन वाझे का भी बयान दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय के वकील के अनुसार सचिन वाझे ने बताया कि यह पैसे उसने कुंदन शिंदे को दिये गए थे। यह पैसे बार और ऑर्केस्ट्रा को रात 12 बजे के बाद खुला रखने के लिए लिये गए थे। जिसे तारीखों के अनुसार बताया है।

1 से 7 जनवरी व फरवरी के बीच रु.1,64,00,000/-
जनवरी व फरवरी में जोन 12 से रु.2,66,00,000/-

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अधिकारियों के स्थानांतरण के लिए भी वसूले पैसे
अनिल देशमुख के निजी सहायक कुंदन शिंदे भी देशमुख परिवार की कंपनियों में बोर्ड पर हैं। इसके अलावा साई संस्था ट्रस्ट नामक संस्था में भी वे हैं। आरोप है कि देशमुख की उपस्थिति में कुदन शिंदे पैसे जमा करते थे। इस प्रकरण की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन कर रहा है। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि वसूली की यह प्रक्रिया किसी एक या दो लोगों से पूरा होना संभव नहीं है। इसकी पूछताछ के लिए सात दिनों की हिरासत की मांग प्रवर्तन निदेशालय ने की थी, जिसे न्यायालय ने मान्य करते हुए 1 जुलाई तक हिरासत में भेज दिया।

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