दुष्कर्म मामले में न्यायालय से निराशा, अब क्या करेंगे पूर्व मंत्री गणेश नाईक?

नवी मुंबई की रहने वाली महिला ने गणेश नाईक के विरुद्ध दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला पिछले दिनों दर्ज करवाया है।

महाराष्ट्र के ठाणे स्थित सत्र न्यायालय ने 21 अप्रैल को दुष्कर्म मामले के आरोपित पूर्व मंत्री गणेश नाईक की अग्रिम जमानत की याचिका की सुनवाई के दौरान आवेदक को कोई राहत नहीं दी है। इस मामले की सुनवाई 27 अप्रैल तक टाल दिया है। इससे गणेश नाईक गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है।

अग्रिम जमानत के लिए दायर की है याचिका
जानकारी के अनुसार नवी मुंबई की रहने वाली महिला ने गणेश नाईक के विरुद्ध दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला पिछले दिनों दर्ज करवाया था। इस मामले में पुलिस नाईक को पिछले सप्ताह से ही विभिन्न स्थानों पर तलाश कर रही है। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने गणेश नाईक को कोई राहत न देते हुए मामले की सुनवाई 27 अप्रैल तक टाल दिया।

पीड़िता को न्याय प्रणाली पर विश्वास
इस बीच, पीडि़त महिला ने पत्रकारों को बताया कि उसे न्याय प्रणाली में विश्वास है। पीडि़ता ने कहा कि अगर अदालत आरोपी को जमानत देती है, तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। उसे सुरक्षा दी जानी चाहिए।

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