जम्मू-कश्मीर पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया में धांधली मामले में 24 के खिलाफ चार्जशीट दायर

चार्जशीट में छह सीआरपीएफ कर्मी, एक बीएसएफ के कमांडेंट, जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल के अलावा एक सीआरपीएफ के पूर्व अधिकारी व सरकारी शिक्षक का नाम शामिल है।

सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया में हुई धांधली मामले में 24 लोगों के खिलाफ पहली चार्जशीट 12 नवंबर को कोर्ट में दायर की है। चार्जशीट में छह सीआरपीएफ कर्मी, एक बीएसएफ के कमांडेंट, जम्मू-कश्मीर पुलिस के तीन असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर और कांस्टेबल के अलावा एक सीआरपीएफ के पूर्व अधिकारी व सरकारी शिक्षक का नाम शामिल है।

चार्जशीट में कहा गया कि मामले का मुख्य आरोपित जतिन यादव है, जिसने परीक्षापत्र को छापने वाली कंपनी के एक कर्मचारी प्रदीप कुमार से मिलीभगत कर सब इंस्पेक्टर पद के प्रश्नपत्र को लीक किया था। प्रश्नपत्र मिलने के बाद जतिन यादव ने अनिल कुमार, सुरिंदर सिंह और बजिंदर सिंह से परीक्षा पत्रको बेचने के लिए अभ्यार्थियों को जुटाने के लिए कहा था। सुरेंद्र सिंह ने एक अन्य दलाल अक्षय कुमार की मदद से अभ्यर्थी अनिल कुमार को तैयार किया था। इसी तरह एक अन्य दलाल आशीष यादव ने अभ्यार्थी मुख्तार अहमद को परीक्षा पत्र खरीदने के लिए सबसे पहले तैयार किया। इसके अलावा दलालों के नेटवर्क से परीक्षा पत्र खरीदने के लिए अभ्यर्थियों को तैयार किया गया। जिसके बाद जम्मू से कई उम्मीदवारों को हरियाणा के करनाल में ले जाया गया था। जहां उन्हें पैसे लेकर परीक्षा पत्र सौंपा गया था।

करनाल में परीक्षा पत्र लेने जाने वाले अभ्यर्थियों को वाहन व होटल उपलब्ध करवाने के आरोप में अशोक कुमार, आशीष यादव, सुरेंद्र कुमार को आरोपी बनाया गया। इसके बाद परीक्षा पत्र जम्मू पहुंचा तो गंग्याल में आरोपित अश्विनी कुमार ने कुछ अभ्यर्थियों से बेचा था। एक अन्य आरोपी जगदीश लाल ने बीएसएफ कमांडेंट डॉक्टर करनैल सिंह, शुभम काला और कुछ अन्य के साथ मिलकर करनैल सिंह के घर पर परीक्षा पत्र अथ्यार्थियों को सौंपा था। जांच में अभ्यार्थी जयसूर्या शर्मा, तरसेम लाल और विकास शर्मा की भूमिका भी सामने आई। जिनकी गिरफ्तार कर ली गई है।

ये भी पढ़ें – जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में लगेंगे अतिरिक्त कोच

बता दें कि इस भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर में धांधली होने की बात सामने आई है। जिसमें जम्मू कश्मीर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। 3 अगस्त को जम्मू-कश्मीर प्रदेश सरकार के कहने पर सीबीआई ने मामला दर्ज किया था। सब इंस्पेक्टर पद की भर्ती प्रक्रिया की लिखित परीक्षा इस वर्ष 27 मार्च को हुई थी। सब इंस्पेक्टर पद की भर्ती के नतीजे 4 जून को घोषित किए गए थे। मामले की जांच के दौरान सीबीआई ने 700 गवाहों से पूछताछ की। कुल मिलाकर 77 स्थानों पर छापेमारी गई की। जिसमें जम्मू कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, बेंगलुरु और जम्मू कश्मीर सर्विस सेलेक्शन बोर्ड के अधिकारियों के घर व कार्यालय भी शामिल है। अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार करने के साथ बड़ी मात्रा में नकदी जब्त किए गए हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here