भारत को भी मिल गई संजीवनी!

सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड वैक्सीन देश की पहली वैक्सीन है, जिसे केंद्र ने मंजूरी दी है। अब इसे जल्द ही देश में लगाना शुरू कर दिया जाएगा।इस वैक्सीन को मंजूरी को लेकर 1 जनवरी को अहम बैठक हुई। इस बैठक में दिन भर विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया।

देश में कोरोना वायरस की वैक्सीन का इंतजार अब खत्म हो गया है। केंद्र सरकार ने सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कोवीशील्ड वैक्सीन को सरकार ने इमरजेंसी में इस्तेमाल करने की सशर्त मंजूरी दे दी है।

सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड वैक्सीन देश की पहली वैक्सीन है, जिसे केंद्र ने मंजूरी दी है। अब इसे जल्द ही देश में लगाना शुरू कर दिया जाएगा।इस वैक्सीन को मंजूरी को लेकर 1 जनवरी को अहम बैठक हुई। इस बैठक में दिन भर विचार-विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया। अब ऑक्सफोर्ड और भारत बायोटेक की वैक्सीन के इस्तेमाल पर भी विचार किया जा रहा है।

महाराष्ट्र में ड्राई रन
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इस बारे में बताते हुए कहा है कि राज्य में कोरोना वायरस के टीकारण के लिए ड्राई रन अभियान 2 जनवरी से चलाया जाएगा। इसके लिए पुणे, नागपुर, जालना और नंदुरबार जिले को चुना गया है। हर जिले में इसके लिए तीन स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर 25 लोगों की टीम नियुक्ति की गई है। इसके साथ ही आवश्यक रुप से प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर एक प्रतीक्षालय कक्ष और निगरानी कक्ष बनाया गया है।

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4 से 5 करोड़ वैक्सीन सबसे पहले भारत को दी जाएगी
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड की 4 से 5 करोड़ खुराक सबसे पहले भारत को मिलेगी। कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने यह बात कही । उनके मुताबिक 2021 के प्रथम छह महीनों में वैक्सीन की कमी रहेगी, लेकिन अगस्त-सितंबर तक कई वैक्सीन निर्माता कंपनियां भी टीके की आपूर्ति करने की स्थिति में होगी।

अगले कुछ दिनों में मिल जाएगी इस्तेमाल की मंजूरी
पूनावाला के मुताबिक कंपनी ने पहले से ही 4 से 5 करोड़ कोविशीलिड वैक्सीन के डोज भारत के लिए तैयार रखे हैं। पूनावाला ने बताया कि केंद्र सरकार यह तय करेगी कि उन्हें वैक्सीन कितनी मात्रा में और कब चाहिए। उन्होंने दावा कि जुलाई 2021 तक वैक्सीन के 30 करोड़ डोज तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

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एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी
भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी कोरोना वैक्सीन बना रही है। यह कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी की है। देश में कोरोना वैक्सीन बनाने में यह कंपनी सबसे आगे है। इस कंपनी का निर्माण 1966 में हुआ था। इसके संस्थापक साइरस पूनावाला थे। कोरोना वैक्सीन में आगे चल रही कंपनियों में दूसरे नंबर पर भारत बायोटेक है। इस कंपनी की स्थापना 1996 में हुई थी। इसके संस्थापर डॉ. कृष्ण एल्ला थे।

भारत में कोरोना वायरस की स्थिति
स्वास्थ्य मंत्रालय ने 1 जनवरी को बताया कि 24 घंटों में 20,036 नये कोरोना केस पाए गए। 23,181 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं, जबकि 256 की मौत हुई। देश में अब तक कोरोना के 1,02,86,710 मरीज पाए गए, जबकि 1,48,994 लोगों की मौत हो चुकी है।

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