5जी का इंतजार खत्म, कैबिनेट ने दी स्पेक्ट्रम नीलामी की मंजूरी! जानें, कितनी बढ़ जाएगी रफ्तार

मिड और हाई बैंड स्पेक्ट्रम का उपयोग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा गति और क्षमता प्रदान करने में सक्षम 5जी प्रौद्योगिकी-आधारित सेवाओं को रोल-आउट करने के लिए किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दूरसंचार विभाग के स्पेक्ट्रम नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके माध्यम से सफल बोलीदाताओं को जनता और उद्यमों को 5जी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्पेक्ट्रम सौंपा जाएगा।

रेल, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी की घोषणा को भारतीय दूरसंचार के लिए एक नए युग की शुरुआत करार दिया।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार 20 साल की वैधता अवधि के साथ कुल 72097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की नीलामी इस साल जुलाई अंत तक शुरू हो जाएगी। सरकार ने 9 स्पेक्ट्रम की नीलामी की योजना बनाई है। इसमें 600 मेगाहर्ट्ज, 700 मेगाहर्ट्ज, 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज बैंड की नीलामी होगी।

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डिजिटल कनेक्टिविटी के प्रमुख कार्यक्रम
डिजिटल कनेक्टिविटी अपने प्रमुख कार्यक्रमों जैसे डिजिटल इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया, मेक इन इंडिया आदि के माध्यम से सरकार की नीतिगत पहलू का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। ब्रॉडबैंड, विशेष रूप से मोबाइल ब्रॉडबैंड, नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। 2015 के बाद से देश भर में 4जी सेवाओं के तेजी से विस्तार के माध्यम से इसे एक बड़ा बढ़ावा मिला है। 2014 में दस करोड़ ग्राहकों की तुलना में आज 80 करोड़ ग्राहकों की ब्रॉडबैंड तक पहुंच गई है।

ऐसी नीतिगत पहलों के माध्यम से सरकार अंत्योदय परिवारों तक मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन शिक्षा, टेलीमेडिसिन, ई-राशन आदि तक पहुंच को बढ़ावा देने में सक्षम हुई है।

 घरेलू 5जी तकनीक के लॉन्च को मिलेगी गति 
देश में बनाया गया 4जी इकोसिस्टम अब 5जी स्वदेशी विकास की ओर ले जा रहा है। भारत के 8 शीर्ष प्रौद्योगिकी संस्थानों में 5जी टेस्ट बेड सेटअप भारत में घरेलू 5जी तकनीक के लॉन्च को गति दे रहा है। मोबाइल हैंडसेट, दूरसंचार उपकरणों के लिए पीएलआई (उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन) योजनाएं और भारत सेमीकंडक्टर मिशन की शुरुआत से भारत में 5जी सेवाओं के शुभारंभ के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। वह समय दूर नहीं जब भारत 5जी तकनीक और आने वाली 6जी तकनीक के क्षेत्र में एक अग्रणी देश के रूप में उभरने वाला है।

5जी नए युग का व्यवसाय
स्पेक्ट्रम पूरे 5जी इको-सिस्टम का एक अभिन्न और आवश्यक हिस्सा है। आगामी 5जी सेवाओं में नए युग के व्यवसाय बनाने, उद्यमों के लिए अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करने और नवीन उपयोग-मामलों और प्रौद्योगिकियों की तैनाती से उत्पन्न होने वाले रोजगार प्रदान करने की क्षमता है।

10 गुना बढ़ जाएगी इंटरनेट की गति
यह उम्मीद की जाती है कि मिड और हाई बैंड स्पेक्ट्रम का उपयोग दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा गति और क्षमता प्रदान करने में सक्षम 5जी प्रौद्योगिकी-आधारित सेवाओं को रोल-आउट करने के लिए किया जाएगा, जो वर्तमान 4जी सेवाओं के माध्यम से संभव की तुलना में लगभग 10 गुना अधिक होगा।

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