बीएमसी हर वर्ष लेती है 300 से 400 करोड़ रुपए की सलाह!

बीएमसी को कुल ठेके की रकम का पांच से छह फीसदी सलाह लेने के लिए खर्च करना पड़ता है। गौर करनेवाली बात यह भी है कि यह रकम बीएमसी अपनी तिजोरी से देती है। इसके लिए हर वर्ष 300 से 400 करोड़ रकम दी जाती है।

मुंबई महानगरपालिका विकास के कई प्रोजेक्ट्स के कामों के लिए पिछले कई वर्षों से सलाहकार नियुक्त करती है। सलाहकार, तकनीकी सलाहकार, परियोजना सलाहकार, पुनर्जांच सलाहकार आदि नाम से सलाहकारो की नियुक्ति की जाती है। एक अनुमान के तहत बीएमसी को कुल ठेके की रकम का पांच से छह फीसदी सलाह लेने के लिए खर्च करना पड़ता है। गौर करनेवाली बात यह भी है कि यह रकम बीएमसी अपनी तिजोरी से देती है। इसके लिए हर वर्ष 300 से 400 करोड़ रकम दी जाती है। इसके बदले अतंर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की सलाहकार कंपनियां महानगरपालिका के अधिकारियों को अपनी सलाह से अवगत कराती हैं। उसी के आधार पर देश की आर्थिक राजधानी के विकास कार्यों की रुपरेखा तैयार की जाती है। सच तो यह है कि यह जनता के टैक्स के पैसे की बर्बादी ज्यादा लगती है और उपयोगी कम।

बीएमसी को हिंदुस्थान पोस्ट की सलाह
अगर बीएमसी के सेवा मुक्त अभियंता और अधिकारियों की मदद से महानगरापालिका मुख्यालय में सलाकार कक्ष का निर्माण किया जाए और उनसे इन मामलों में मदद ली जाए तो बीएमसी को करोड़ों रुपए की बचत हो सकती है। इसके साथ ही मुंबई महानगरपालिका इनके अनुभव का लाभ हर तरह से ले सकती है।

मुंबई में कोस्टल रोड का काम बड़े पैमाने पर शुरू है। इसे तीन विभागों में बांट दिया गया है। हर विभाग के लिए एक-एक सलाहकार कंपनियों को नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही तीनों को मिलाकर एक कंपनी को मुख्य सलाहकार के रुप में नियुक्त किया गया है। इन सब पर बीएमसी कुल मिलाकर 250 करोड़ रुपए सलाहकार शुल्क के रुप में खर्च कर रही है।

दहिसर, पोयसर, ओशिवरा, वालभट्ट नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 6.30 करोड़ रुपए और मल-जल प्रक्रिया केंद्र के लिए 65 करोड़ रुपए खर्च की जाती है। मुख्य परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पुल निर्माण, डंपिंग ग्राउंड, उद्यान
आदि के लिए भी सलाह लेने के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं।

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सलाहकार कंपनियों के क्या होते हैं काम?
ठेकेदारों के दस्तावेजों की जांच करना
ठेकेदारों के कामों की निगरानी करना
कामों में आनेवाली अड़चनों को दूर करना
काम सही तरीके से करने की प्लानिंग करना
काम के स्टेट्स की रिपोर्ट तैयार करना

किस काम के लिए कौन है सलाहकार कंपनी?
स्टॉन्ग वॉटर ड्रेन की जांच करने के लिए
पूर्व उपनगर व शहर
सलाहकार कंपनी : टी.क्यू. सर्विसेस टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड( 7 करोड)
पश्चिम उपनगर
सलाहकार कंपनीः आईसी एम. क्यू. सर्टीफिकेट इंडिया( 2.75 करोड़)
यूटिलिटी के लिए की गई खुदाई की निगरानी
सलाहकार कंपनीः वीजेटीआई( 23.87 लाख रुपए)
पवई तालाब में प्रदूषण रोकने और साफ-सफाई
सलाहकार कंपनीः फ्रिश्मन प्रभु ( 3.99 करोड़)
गारगाई परियोजना व पर्यावरण व वन मंत्रालय की मंजूरी से वृक्षारोपण
सलाहकार कंपनीः नाईक इन्वॉर्मेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट लिमिटेड( 1.96 करोड़) , वॉपकॉस लिमिटेड( 3.84 करोड़ रुपए), ग्रीनसी ( 1 करोड़ रुपए)
मध्य वैतरणा बिजली निर्माण परियोजना
सलाहकार कंपनीः टाटा कन्सलटिंग इंजिनियरिंग( 2 लाख 90 हजार)
बोरीवली पूर्व वल्लभनगर, चिंचपोकली मल-जल केंद्र निर्माण के लिए
परियोजना व्यवस्थापन सलाहकार : फ्रिश्मन प्रभु (1.92 करोड़ रुपये)

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मुंबई महानगरपालिका के सूचना व तकनीकी नीति निर्धारण
सलाहकार : केपीएमजी एडवायजरी सर्विसेस प्राइवेट (15.05 करोड़ रुपये)

देवनार कत्लखाना आधुनिकीकरण
सलाहकार कंपनी : के.के एंड असोशिएट्स ( 8.05 करोड़)

मुलंड डम्पिंग ग्राउंड विकास
सलाहकार कंपनी : मिटकॉन कन्सल्टन्सी सर्विसेस लिमिटेड ( 6. 53 करोड़ )

कोस्टल रोड परियोजना
परियोजना की रुपरेखा, भोगोलिक अध्ययन, आनेवाले टेंडर के मूल्यांकन, तकनीकी सलाहकार, परियोजना व्यवस्थापन सलाह आदि के लिए 246. 21 करोड़ खर्च किया जाएगा।

प्रियदर्शनी पार्क से बड़ौदा बैंक तक
सलाहकार : लूईस बर्जर कन्सल्टिंग ( 50.52 करोड़ रुपए)

बडोदा पॅलेस से बांद्रा-वर्ली सी लींक
नाहुर रेल्वे स्टेशन पर रेल्वे ब्रिज
सलाहकार कंपनी : आय.आय.टी (45. 53 लाख रुपये)

अंधेरी गोपाळकृष्ण गोखले फ्लाईओवर
तकनीकी सलाहकार कंपनी : टी.पी.एफ इंजिनियरींग (1.20 करोड़ रुपए)
पुनर्जांच सलाहकारः कंपोजिट कंबाईन (23 लाख रुपये)

एन.एम. जोशी और गणपतराव कदम रोड रेल्वे ब्रिज
तकीनीकी सलाहकार कंपनी : टी.पी.एफ इंजिनियरींग (1. 28 करोड़ रुपये)
पुनर्जांच सलाहकार : स्ट्रक्टवेल डिजाईन (36 लाख रुपये)
महालक्ष्मी रेल्वे ब्रिज (डॉ.मोजेस रोड व केशव खाडे रोड)
तकनीकी सलाहकार कंपनी :स्पेक्ट्रन टेक्नो कन्सल्टंट (5..40 करोड़)
पुनर्जांच सलाहकार : आय आय टी ( 1. 52 करोड़ रुपये)
चर्नी रोड ब्रिज
सलाहकार : एस.एन.भोबे ( 22. 29 लाख रुपये)

मुलुंड तानसा पाइपलाइन ब्रिज
सलाहकार कंपनी : टेक्नोजेम कन्सल्टंट ( 62. 90 लाख रुपये)

घाटकोपर मानखुर्द जोड़नेवाली सड़क (शिवाजीनगर,बैगनवाडी, देवनार जंक्शन)

तकनीकी सलाहकार : एस. एन. भोबे -टीपीएफ ( 6. 12 करोड़ रुपये)

पुनर्जांच सलाहकार : कन्स्ट्रम ( 1. 34 करोड़ रुपए)

बालकुम ठाणे ते मुलुंड तक पाइपलाइन

तकनीकी सलाहकार : टाटा कन्सल्टन्सी (12.79 करोड़ रुपये)

मुंबई में छोटे पैमाने पर पेड़-पौधे लगाने की परियोजना

शहर व पश्चिम उपनगर : मेसर्स अ‍ॅकॅशिया इको प्लॅन्टेशन(1.07करोड़ )

पूर्व उपनगर : केसरी इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड ( 1. 59 करोड़ रुपया)

भगवती अस्पताल नवीनीकरण
सलाहकार कंपनी : शशि प्रभु एंड असोशिएट्स ( 12.73 करोड़ रुपये)

गोवंडी पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल (शताब्दी अस्पताल ) पुनर्निमाण

सलाहकार : शशि प्रभू एंड असोशिएट्स (10.70 करोड़ रुपये)

मुंबई महानगरपालिका व्यावसायिक नीति निर्धारण हेतु

सलाहकार : नैशनल सेफ्टी काऊन्सिल-महाराष्ट्र चैप्टर (78.66लाख रुपये)

नदियों के संरक्षण और सौन्दर्यीकरण

व्यवस्थापन सलाकार : टंडन अर्बन सोल्युशन प्रा.लि.

सलाहकार शुल्क : 6.30 करोड़ रुपए

पोयसर नदी : 03 करोड़ 38 लाख रुपये

दहिसर नदी : 81 लाख 44 हजार रुपये

ओशिवरा-वालभट नदी : 02 करोड़ 36 लाख रुपये

मुंबई की सड़कों के डांबरीकरण और कंक्रीटीकरण के साथ ही  सड़कों की मरम्मत आदि के लिए

सलाहकार कंपनियां : श्रीखंडे प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स टेक्नोजेम कन्सल्टंट प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स कन्स्टुमा कन्सल्टंसी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स प्रोजेक्ट कन्सल्टींग इंडिया व मेसर्स टंडन अर्बन सोल्युशन प्राइवेट लिमिटेड

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