अब नैनीताल में रोहिंग्या मुसलमानों का बचना है मुश्किल, उत्तराखंड सरकार ने लिया यह निर्णय

उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमानों की घुसपैठ बढ़ती जा रही है।

उत्तराखंड के नैनीताल के एसएसपी ने जनपद में रोहिंग्या मुसलमानों की आमद और मौजूदगी के बड़े पैमाने पर व शत-प्रतिशत जांच व सत्यापन कराने की बात कही है।

19 अप्रैल को आयोजित पत्रकार वार्ता में पूछे जाने पर एसएसपी पंकज भट्ट ने कहा कि यह समयबद्ध कार्यक्रम नहीं वरन व्यापक पैमाने पर होने वाला कार्य है। इस कार्य के लिए सभी पुलिस क्षेत्राधिकारियों को प्रभारी-नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो अपने क्षेत्र के थानों एवं एलआइयू को शामिल करते हुए सत्यापन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह मामला पहले ही संज्ञान में आया था और इधर हाल में भी कई लोगों ने यह बात कही है, और इन आरोपों की संवेदनशीलता को देखते हुए इनकी पुष्टि आवश्यक है।

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भाजपा ने नेताओं ने की थी मांग
उल्लेखनीय है कि गत 7 अप्रैल को नगर के भाजपा नेताओं-नगर पालिका के नामित सभासद मनोज जोशी एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष नितिन कार्की ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर नैनीताल में अनियंत्रित तरीके से बाहरी लोगों की अवैध कब्जे कर घुसपैठ बढ़ने की ओर ध्यान आकृष्ट किया था।

लगातार बढ़ रही है घुसपैठ
उन्होंने कहा था कि नगर में कोरोना काल के उपरांत अचानक से अवैध कब्जे व घुसपैठ लगातार बढ़ती जा रही है, जो आने वाले भविष्य के लिए चेतावनी है। क्योंकि यह घुसपैठ बारापत्थर से नीचे, तल्लीताल धर्मशाला से नीचे व शहर की अधिकतर खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर एक विशेष समुदाय के लोगों द्वारा की जा रही है। यह भी आशंका व्यक्त की कि इन घुसपैठियों में रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की संख्या अधिक हो सकती है। यदि ऐसा हुआ तो नगर में चिंताजनक स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

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