बुली बाई ऐप पर कार्रवाई! पर हिंदू महिलाओं की बदनामी करने वाले सैकड़ों ऐप-वेबसाइटों का क्या?

बुली बाई ऐप मामले में पुलिस की युद्ध स्तर पर कार्रवाई के बाद अब हिंदू महिलाओं को बदनाम करने वाले ऐप्स पर कार्रवाई न करने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पिछले कुछ दिनों से कथित रुप से मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने वाले एक ऐप बुल्ली बाई पर बवाल मचा हुआ है। मुंबई पुलिस इसके आरोपियों की धर-पकड़ में जुटी हुई है। चौथे आरोपी नीरज विश्नोई को दिल्ली पुलिस ने असम से गिरफ्तार किया है। लेकिन ऐसे ही हिंदू महिलाओं को बदनाम करने वाले कई ऐप्स और वेबसाइट्स पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। यह एक महत्वपूर्ण सवाल है।

दिल्ली के एक प्रतिष्ठित परिवार की एक मुस्लिम महिला की तस्वीर उसके सोशल मीडिया अकाउंट से चुरा ली गई और उसमें बदलाव कर विवादास्पद बुली ऐप पर पोस्ट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद तथाकथित धर्मनिरपेक्षवादियों ने घमासान मचा दिया, जबकि कई हिंदू महिलाएं भी साइबर क्राइम की शिकार हुई हैं। कई लोगों ने ट्विटर पर सवाल किया है कि इन महिलाओं को न्याय कब मिलेगा लेकिन इसकी किसी को परवाह नहीं है।

हिंदू महिलाएं बनाई जा रही हैं निशाना
यह आज की बात नहीं है। हिंदू महिलाएं सालों से साइबर क्राइम का सामना कर रही हैं। लेकिन इन मामलों को मीडिया ने नोटिस नहीं किया। इस तरह के मामलों को कौन नोटिस करेगा और कार्रवाई कब होगी, इस तरह के सवाल बुली बाई मामला उजागर होने के बाद उठाए जा रहे हैं।

 टेलीग्राम पर भी बदनामी
टेलीग्राम पर एक खास चैनल बनाया गया, जिसमें केवल हिंदू लड़कियों की तस्वीरें शेयर की जाती हैं। इस ग्रुप में हिंदू लड़कियों की फोटो में बदलाव कर उसे वायरल की जाती है। इस तरह की घटनाएं मात्र टेलीग्राम तक ही सीमित नहीं हैं।  हिंदू महिलाओं को निशाना बनाने वाले इसी तरह के कई किक, मैसेंजर, व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुप सक्रिय हैं।

मीडिया ने नहीं दिया ध्यान
बुली ऐप कांड की खबरें आने के बाद मुंबई के मुस्लिम समुदाय में गुस्से का माहौल है। परिणामस्वरुप इस मामले में युद्ध स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। देश के विभिन्न स्थानो से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। लेकिन इससे पहले  जब हिंदू महिलाओं के मामले सामने आए तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई, यह सवाल सोशल मीडिया पर पूछा जा रहा है।

निशाने पर हिंदू महिलाएं
वेबसाइट http://interfaithxxx.com ने कई कहानियों और झूठी खबरों के साथ हिंदू महिलाओं को निशाना बनाया। इस वेबसाइट को पिछले साल हटा दिया गया। जाने-माने विश्लेषक अंशुल सक्सेना के ‘मिशन टूथब्रश’ पहल के तहत  117 इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कराए गए थे। इनमें से 25 भारत के खिलाफ थे, 7 लड़कियों के खिलाफ थे, 4 इस्लाम के खिलाफ थे और 81 हिंदू विरोधी थे। 2020 में मिशन टूथब्रश के तहत ये बंद कर दिए गए थे।

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