संताक्लॉज क्यों बनें हिंदू छात्र? मध्य प्रदेश के स्कूलों को विहिप का पत्र

विश्व हिंदू परिषद मध्य प्रदेश ने राज्य के 16 जिलों के स्कूलों में पत्र भेजा है। जिसमें क्रिसमस त्यौहार पर सनातन हिंदू छात्रों की भावनाओं का ध्यान रखने को कहा गया है।

राज्य के अंग्रेजी स्कूल हिंदू छात्रों को ‘संताक्लॉज’ बनाकर क्रिसमस त्योहार मनाते रहे हैं। इस पर विश्व हिंदू परिषद ने एक पत्र जारी किया है, जिसमें ऐसे सभी स्कूलों से कहा गया है कि, वे सनातन हिंदू छात्रों को संताक्लॉज की तरह वेशभूषा पहनने को न कहें।

परिषद का आरोप है कि कई स्कूल छात्रों पर दबाव डाल रहे हैं कि, वे क्रिसमस पर सांताक्लॉज बनें। यह हिंदू संस्कृति पर हमला है और हिंदू छात्रों को ईसाईकरण की ओर आकर्षित करने का षड्यंत्र है। इस संबंध में विहिप मध्य भारत भाग ने छात्रों के परिजनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप भी लगाया है। स्कूलों को चाहिये कि, सनातन हिंदू छात्रों को राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर, गुरु गोविंद सिंह आदि की तरह वेशभूषा धारण करने को कहें। भारत संतों का देश है न कि, संताक्लॉज का।

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परिषद ने चेतावनी दी है कि, छात्रों के परिजनों की अनुमति लेकर ही सांताक्लॉज की वेशभूषा धारण करने के लिए छात्रों को कहा जाए, यदि स्कूल इसका पालन नहीं करते तो विहिप ऐसे स्कूलों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगी।

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