घर-घर जाकर टीकाकरण के लिए सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर

यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने घर-घर जाकर कोरोना टीकाकरण के लिए नियम बनाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

देश में कोरोना की जारी सुनामी के बीच टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे कारगर उपाय माना जा रहा है। इसलिए सरकार के साथ ही लोग भी इसके लिए काफी उत्साहित दिख रहे हैं। इस कारण टीकाकरण केंद्रों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। इस बीच यूथ बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने घर-घर जाकर कोरोना टीकाकरण के लिए नियम बनाने हेतु सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

वाईबीएआइ ने याचिका में इस बारे में उचित कदम उठाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिका में कहा गया है कि देश के बुजुर्ग, दिव्यांग, कमजोर तबके और अन्य ऐसे लोगों के लिए यह नियम बनाया जाना चाहिए, जो ऑनलाइन वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण नहीं करा सकते।

इन्होंने दायर की है याचिका
वाईबीएआइ युवा और जागरुक वकीलों का संगठन है। वकील-सनप्रीत सिंह, अजमानी, कुलदीप राय, मंजू जेटली और बबली सिंह के माध्यम से न्यायालय में यह जनहित याचिका दायर की गई है। इन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि प्रतिवादी को निर्देश दिया जाए कि देश के जो बुजुर्ग, दिव्यांग, कमजोर तबके और अन्य ऐसे लोग, जो ऑनलाइन पंजीकरण नही कर सकते, उन्हें घर-घर जाकर टीका लगाने पर विचार करे।

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पंजीकरण में मिले विशेष सुविधा
याचिकाकर्ताओं ने केंद्र सरकार को यह भी निर्देश देने का अनरोध किया है कि वह एक पोर्टल बनाए, जिसके माध्यम से वंचित तबके के लोगों को पंजीकरण करने की विशेष सुविधा हो। याचिका में अनुरोध किया गया है कि सभी टीकाकरण कार्यक्रम राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत कराया जाए।

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