तो कोविड-19 के वस्तुओं की थम जाएगी कालाबाजारी… अरुणपाल सिंह की याचिका पर बड़ा निर्णय

कोविड-19 संक्रमण के समय सबसे बड़ी समस्या अतिआवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की जानकारी और आपूर्ति की रही है। इसके कारण बिचौलिये या असामाजिक तत्व भी लोगों की मजबूरी का लाभ लेते हैं।

कोविड-19 से संबंधित जानकारी संकेतांक (पोर्टल) पर उपलब्ध कराने की याचिका पर महत्वपूर्ण निर्णय आया है। इसके अनुसार कोरोना से संबंधित सभी जानकारी एक स्थान पर ऑनलाइन उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है। जिससे संक्रमित और आमजनों को कोरोना की सभी जानकारी या आवश्यकता के लिए भटकना न पड़े।

इस विषय में एक याचिका अरुणपाल सिंह बहल ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर की थी। उस पर जो निर्णय सर्वोच्च न्यायालय ने दिया है उसके अनुसार एक केंद्रींय पोर्टल होना चाहिए, जिससे कोरोना के उपचार से संबंधित दवाओं और अन्य संसाधानों की जानकारी सटीक रूप से और रियल टाइम पर उपलब्ध हो।

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याचिकाकर्ता को मिली लिबर्टी
इस प्रकरण में याचिकाकर्ता अरुपाल सिंह बहल के सुझावों को सर्वोच्च न्यायालय ने भी स्वीकार किया। अपने आदेश में न्यायालय ने लिखा है कि संविधान के अनुच्छेद 32 के अनुरूप इसे कोविड-19 की दूसरी लहर के समय लक्ष्यित किया गया है। इसे देखते हुए याचिकाकर्ता के पास कुछ सुझाव हैं, जिसमें एक कविड-19 महामारी से संबंधित जानकारियों का एक केंद्रीकृत पोर्टल बनाया जाए। जिससे कालाबाजारी रोकी जा सके।

न्यायालय के आदेश का दूसरा बिंदु है कि, चुंकि याचिकाकर्ता के पास कुछ सुझाव हैं, इसलिए उन्हें यह लिबर्टी दी जाती हैं कि वे केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालयके पास जाएं और अपने सुझाव दें, जिसमें केंद्रीकृत पोर्टल के गठन का निर्माण भी शामिल है।

ऑक्सीजन, रेमडेसिविर के लिए भटकना न पड़ता
कोरोना की दूसरी लहर के बीच देश में अस्पताल में बेड, ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी कमी देखने को मिली। ऑक्सीजन के लिए अस्पतालों को भी प्रतीक्षा करनी पड़ रही थी, कई राज्यों के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए घंटों इतजार करना पड़ रहा था, इस कमी को देखते हुए कई असामाजिक तत्वों ने कालाबजारी के जरिये लोगों से पैसे ऐंठे। इसके अलावा दूसरी कालाबाजारी और उपलब्धता में परेशानी देखने को मिली रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता में, जो वास्तविक मूल्य से कई गुना भुगतान के बाद भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। इन परेशानियों को देखते हुए याचिका को दायर किया गया था।

कालाबाजारी और नकली वस्तुओं पर लगेगी रोक
न्यायालय के समक्ष एसएफएस ओल्ड ब्वॉयज एसोशिएशन के अध्यक्ष अरुणपाल सिंह बहल ने याचिका की थी कि, एक सरल पटल उपलब्ध कराया जाए, जो वेबसाइट, पोर्टल या मोबाइल ऐप में से किसी माध्यम से हो। जिससे वन नेशन, वन मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग सिस्टम कार्यरत हो, जिससे आवश्यक संसाधनों की कमी, उपलब्धता व आपूर्ति की निगरानी की जा सके। याचिकाकर्ता के सुझाव के अनुसार यह सिस्टम देश में महामारी, नैसर्गिक आपदा और युद्ध के समय कार्यरत रहेगी।

इसका लाभ एकरूपता से अतिआवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुनिश्चित करने और कालाबाजारी और नकली वस्तुओं की बिक्री को रोकने में होगा। इस ऐप पर विश्वसनीय, समयपरक और ताजा जानकारी उपलब्ध होगी।

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