Sanatan Rashtra Shankhnaad Mahotsav: ‘सनातन राष्ट्र’ हेतू ‘रामराज्य संकल्प जपयज्ञ’ के माध्यम से एक करोड़ श्रीराम नाम का जप !

भारत में ‘रामराज्य’ केवल एक धार्मिक आदर्श नहीं है, अपितु संस्कृति, नीति और न्याय पर आधारित शासन व्यवस्था का प्रतीक माना जाता है ।

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Sanatan Rashtra Shankhnaad Mahotsav: भारत में ‘रामराज्य’ केवल एक धार्मिक आदर्श नहीं है, अपितु संस्कृति, नीति और न्याय पर आधारित शासन व्यवस्था का प्रतीक माना जाता है । इस महान उद्देश्य की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘सनातन राष्ट्र’ के लिए ‘रामराज्य संकल्प जपयज्ञ’ के माध्यम से एक करोड श्रीराम नाम का जप सनातन संस्था की ओर से फर्मागुडी, फोंडा, गोवा में आयोजित सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में किया गया । देश-विदेश से आए 20 हजार से अधिक भक्तों ने अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का नामजप किया । इस जपयज्ञ से संपूर्ण वातावरण राममय हो गया था । इस जपयज्ञ का उद्देश्य राष्ट्र को आध्यात्मिक ऊर्जा देना, नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना और सनातन हिन्दू संस्कृति का जागरण करना है । इस यज्ञ में देशभर के साधक, भक्त, अध्यात्मप्रेमी और विभिन्न धार्मिक संस्थाएं सम्मिलित हुईं हैं ।

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इस जपयज्ञ में मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और पालघर जिलों से 2 हजार 500 से अधिक साधक और धर्मप्रेमी हिंदुओं ने भाग लिया। राष्ट्रीय व्याख्याता डॉ. सच्चिदानंद शेवडे, ज्येष्ठ लेखक और व्याख्याता श्री. दुर्गेश परुलकर, दत्त संप्रदाय के पू. प्रमोद केणे और आदर्श शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष धनराज विसपुते की जपयज्ञ में उपस्थिति रही।

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