बिहार में राष्ट्र सम्मान से बड़ा एडीएम? नौकरी मांग रहे युवक को किया रक्तरंजित, राष्ट्र प्रतीक का भी नहीं रखा ध्यान

पटना में शिक्षक पद का इच्छुक सड़क पर तिरंग झंडा लेकर उतरा था, वह अन्य बेरोजगारों के साथ यह पूछने गया था कि, सातवें चरण के शिक्षक पद के उम्मीदवारों को नौकरी कब मिलेगी। लेकिन, यह बात अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) को इतनी बुरी लगी की वो पॉलीकार्बोनेट डंडे से युवक के सिर और कंधों पर प्रहार करने लगे। अधिकारी को भी यह भी ध्यान नहीं रहा कि, युवक के हाथों में तिरंगा था और वे लगातार डंडे से उस पर प्रहार कर रहे थे।

सुशासन बाबू के तेजस्वी अधिकारी की करतूत
बता दें कि, पटना के डाक बंगला की सड़कों पर शिक्षक पद के इच्छुक सातवें चरण की नियुक्तियों की मांग कर रहे थे। इसमें सीटीईटी और बीटेक के छात्रों का समावेश था। इस बीच सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल तैनात था। इसमें अतिरिक्त जिलाधिकारी के.के सिंह भी लगे थे। धरपकड़ में एक युवक जो हाथों में तिरंगा झंडा लिया हुआ था, वह जमीन पर लेट गया था और कुछ नारे लगा रहा था, इससे आपा खोते हुए के.के सिंह ने पॉलीकार्बोनेट लाठी से पिटाई कर दी, अधिकारी को अपने गुस्से के आगे तिरंगे झंडे की चिंता भी नहीं थी। वह लगातार प्रहार किये जा रहे थे। यह सभी प्रहार अधिकारी ने युवक के सिर और कंधे पर किया, जो जानलेवा भी हो सकता था। इस मार से युवक के सिर से रक्तस्राव भी होने लगा।

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वीडियो आया तो जागा प्रशासन
युवक सड़क पर पड़ा था, उसके सिर से रक्तस्राव हो रहा था। इस बीच उसे घेरकर खड़े पुलिस कांस्टेबल ने तिरंगा खींच लिया। जब यह वीडियो मीडिया द्वारा दिखाया गया, तब पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह के सामने उनके अधीनस्थ अधिकारी द्वारा राष्ट्रीय प्रतीक के अपमान का प्रश्न खड़ा हुआ। इसके बाद प्रशासन ने एडीएम के.के सिंह विरुद्ध जांच का आदेश दिया। इस प्रकरण की जांच डीडीसी और पुलिस अधीक्षक करेंगे, जिन्हें दो दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है।

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