पाकिस्तान के सामने अब एक और नई मुसीबत

रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कैबिनेट की बैठक के बाद कहा कि एक फरवरी से पारंपरिक बल्बों का उत्पादन बंद कर दिया जाएगा। अधिक बिजली की खपत करने वाले पंखों का उत्पादन जुलाई से बंद कर दिया जाएगा।

पड़ोसी देश पाकिस्तान में राजनीतिक और आर्थिक संकट के साथ ऊर्जा संकट गहरा गया है। नकदी संकट के चलते ऊर्जा संरक्षण योजना के तहत विभिन्न उपायों की घोषणा की गई है। इसके तहत बाजारों और मैरिज हाल को रात साढ़े आठ बजे तक बंद करने और एक फरवरी से बल्ब उत्पादन बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।

फरवरी से नहीं होगा पारंपरिक बल्बों का उत्पादन
रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कैबिनेट की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाजार रात 8.30 बजे और मैरिज हाल 10 बजे बंद हो जाएंगे। इससे लगभग 60 अरब रुपए बच सकेंगे। एक फरवरी से पारंपरिक बल्बों का उत्पादन बंद कर दिया जाएगा। अधिक बिजली की खपत करने वाले पंखों का उत्पादन जुलाई से बंद कर दिया जाएगा। इससे लगभग 22 अरब रुपए बचाने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें- पालघर: 10 करोड़ खर्च कर 20 वर्ष में बने डैम का है ऐसा हाल

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण योजना को मंजूरी
कैबिनेट ने ऊर्जा बचाने और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने के लिए राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण योजना को मंजूरी दी है। सरकार शंक्वाकार गीजर का उपयोग एक वर्ष के भीतर अनिवार्य कर देगी, जिससे कम गैस का उपयोग होगा और 92 अरब रुपए की बचत होगी। स्ट्रीट लाइट के वैकल्पिक उपयोग से चार अरब रुपए की बचत होगी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा कि योजना के तहत सभी सरकारी भवनों और कार्यालयों में भी ऊर्जा का इस्तेमाल कम किया जाएगा और घर से काम करने की नीति भी 10 दिन में पूरी हो जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here